{"_id":"67efd5bc5095066830043159","slug":"vigilance-and-preparedness-is-necessary-to-prevent-earthquake-gursimar-kangra-news-c-95-1-kng1004-171830-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूकंप से बचाव के लिए सतर्कता और तत्परता जरूरी : गुरसिमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूकंप से बचाव के लिए सतर्कता और तत्परता जरूरी : गुरसिमर
Sat, 05 Apr 2025 06:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 05 Apr 2025 06:19 AM IST
विज्ञापन
नूरपुर अस्पताल में मॉकड्रिल करते एनडीआरएफ के जवान। -स्रोत : प्रशासन
नूरपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा जिले में 4 अप्रैल 1905 को आए भीषण भूकंप की स्मृति में शुक्रवार को नागरिक अस्पताल नूरपुर में मॉक ड्रिल की गई। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देना था।
यह मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस दौरान एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह ने मॉक ड्रिल की निगरानी की और कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा से निपटने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा भूकंप से बचाव के लिए सतर्कता और तत्परता जरूरी है।
अभ्यास के दौरान आपात स्थिति में अस्पताल स्टाफ की जिम्मेदारियों, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना, प्राथमिक उपचार और अग्निशमन कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट कर्म सिंह ने कहा कि आपदा के समय स्थानीय स्टाफ की भूमिका बेहद अहम होती है। उन्होंने भवनों में आपदा प्रबंधन योजना लागू करने और उसके अनुरूप कार्यवाही पर बल दिया।
विज्ञापन
कांगड़ा जिला जोन-5 (उच्च भूकंपीय जोखिम क्षेत्र) में आता है, जहां इस तरह की आपदा प्रबंधन ड्रिल्स बेहद जरूरी हैं। इस अभ्यास से न केवल बचाव दलों की कार्य क्षमता बढ़ती है, बल्कि आमजन में भी आपदा के प्रति सतर्कता और जागरूकता बढ़ती है।
विज्ञापन
यह मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस दौरान एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह ने मॉक ड्रिल की निगरानी की और कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा से निपटने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा भूकंप से बचाव के लिए सतर्कता और तत्परता जरूरी है।
विज्ञापन
अभ्यास के दौरान आपात स्थिति में अस्पताल स्टाफ की जिम्मेदारियों, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना, प्राथमिक उपचार और अग्निशमन कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट कर्म सिंह ने कहा कि आपदा के समय स्थानीय स्टाफ की भूमिका बेहद अहम होती है। उन्होंने भवनों में आपदा प्रबंधन योजना लागू करने और उसके अनुरूप कार्यवाही पर बल दिया।
विज्ञापन
कांगड़ा जिला जोन-5 (उच्च भूकंपीय जोखिम क्षेत्र) में आता है, जहां इस तरह की आपदा प्रबंधन ड्रिल्स बेहद जरूरी हैं। इस अभ्यास से न केवल बचाव दलों की कार्य क्षमता बढ़ती है, बल्कि आमजन में भी आपदा के प्रति सतर्कता और जागरूकता बढ़ती है।