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Kangra News: 1305 कुपोषित बच्चों को 10 सुपरफूड्स की ताकत
Tue, 20 Oct 2026 07:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 20 Oct 2026 07:29 AM IST
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धर्मशाला। जिले में कुपोषण की चपेट में आए 1305 नौनिहालों की सेहत सुधारने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने उन्हें 10 तरह के विशेष सुपरफूड्स की ताकत देने का फैसला किया है। मिशन भरपूर 2.0 के तहत पोषण ट्रैकर पर सितंबर में चिह्नित 1076 मध्यम और 229 गंभीर अति कुपोषित बच्चों को यह पोषण सहायता दी जाएगी।
रासायनिक परिरक्षकों (प्रिजर्वेटिव्स) से पूरी तरह मुक्त यह रेडी-टू-ईट आहार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को नई गति देगा। पहले चरण में 65 फीसदी बच्चों की सेहत में सुधार के बाद अब दूसरे चरण में छह माह से दो वर्ष और दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को इसके दायरे में लाया गया है।
इस खास मेन्यू में आयरन युक्त स्पिरुलिना पीनट बार, मिलेट बार, प्रोटीन व फाइबर एनर्जी बार, मिलेट पंजीरी, मिलेट कुकीज, मल्टीग्रेन प्रोटीन मिक्स के साथ रागी-मैंगो-बनाना दलिया, रागी-चुकंदर मिक्स, राइस-एप्पल-बनाना दलिया और रागी-मूंग दाल दलिया शामिल हैं। मोटे अनाज, दालों और मेवों से तैयार इन उत्पादों की 20 से 30 ग्राम की एक खुराक से बच्चे को दैनिक जरूरत का 20 प्रतिशत प्रोटीन, आयरन, जिंक, फोलिक एसिड और विटामिन ए, बी-12 व सी मिलेगा।
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इन पैकेट्स की शेल्फ लाइफ छह माह से अधिक रखी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा के डीपीओ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले चरण की सफलता को देखते हुए अब छोटे बच्चों को भी इसमें जोड़ा गया है।
हर हफ्ते मापा जाएगा बच्चों का वजन और लंबाई
मिशन भरपूर 2.0 के तहत सिर्फ आहार वितरण ही नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की निरंतर निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए हर हफ्ते बच्चों के वजन, लंबाई और बीएमआई की जांच होगी। इसके साथ ही फील्ड कार्यकर्ता अभिभावकों को भी बच्चों के सही खान-पान और पोषण संबंधी स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूक करेंगे।
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रासायनिक परिरक्षकों (प्रिजर्वेटिव्स) से पूरी तरह मुक्त यह रेडी-टू-ईट आहार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को नई गति देगा। पहले चरण में 65 फीसदी बच्चों की सेहत में सुधार के बाद अब दूसरे चरण में छह माह से दो वर्ष और दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को इसके दायरे में लाया गया है।
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इस खास मेन्यू में आयरन युक्त स्पिरुलिना पीनट बार, मिलेट बार, प्रोटीन व फाइबर एनर्जी बार, मिलेट पंजीरी, मिलेट कुकीज, मल्टीग्रेन प्रोटीन मिक्स के साथ रागी-मैंगो-बनाना दलिया, रागी-चुकंदर मिक्स, राइस-एप्पल-बनाना दलिया और रागी-मूंग दाल दलिया शामिल हैं। मोटे अनाज, दालों और मेवों से तैयार इन उत्पादों की 20 से 30 ग्राम की एक खुराक से बच्चे को दैनिक जरूरत का 20 प्रतिशत प्रोटीन, आयरन, जिंक, फोलिक एसिड और विटामिन ए, बी-12 व सी मिलेगा।
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इन पैकेट्स की शेल्फ लाइफ छह माह से अधिक रखी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा के डीपीओ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले चरण की सफलता को देखते हुए अब छोटे बच्चों को भी इसमें जोड़ा गया है।
हर हफ्ते मापा जाएगा बच्चों का वजन और लंबाई
मिशन भरपूर 2.0 के तहत सिर्फ आहार वितरण ही नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की निरंतर निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए हर हफ्ते बच्चों के वजन, लंबाई और बीएमआई की जांच होगी। इसके साथ ही फील्ड कार्यकर्ता अभिभावकों को भी बच्चों के सही खान-पान और पोषण संबंधी स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूक करेंगे।