फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   The increased bus fare will be a burden on the pockets of the poor

Kangra News: गरीबों की जेब पर भारी पड़ेगा बढ़ा बस किराया

Sun, 06 Apr 2025 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 11:47 PM IST
विज्ञापन
The increased bus fare will be a burden on the pockets of the poor
परिचर्चा बस किरायानरेंद्र त्रेहन
धर्मशाला। बस का न्यूनतम किराया पांच से बढ़ाकर 10 रुपये करने करने पर जिलेभर के लोगों में रोष है। लोगों ने कहा कि यह एक गलत फैसला है। इससे गरीब वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एक किलोमीटर का सफर करने के लिए भी लोगों को 10 रुपये चुकाने होंगे। सरकार अपना खजाना भरने के लिए प्रदेशवासियों पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
विज्ञापन

पहले सरकार ने अस्पतालों में होने वाले निशुल्क अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और दांतों के एक्सरे पर फीस लगा दी और अब बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये कर दिया। सरकार प्रदेशवासियों को राहत पहुंचाने की बजाय उन्हें परेशान करने में लगी हुई है, इसका सबसे अधिक प्रभाव गरीब वर्ग पर पड़ेगा।
विज्ञापन




एक तरफ सरकार प्रदेश के लोगों को सुविधाएं देने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर हर चीज के दाम बढ़ाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। बसों में न्यूनतम किराया 10 रुपये करना सरकार का गलत फैसला है। - पांजा राम निवासी जमानाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन


आर्थिक तंगी से जूझ रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपना खजाना भरने के लिए आम आदमी पर बोझ जा रही है। अब एक किलोमीटर बस में सफर करने के लिए भी लोगों को 10 रुपये चुकाने होंगे, जो सही नहीं है। - नरेंद्र त्रेहन निवासी कांगड़ा

- बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये करने से सबसे अधिक प्रभाव गरीब आदमी पर पड़ेगा। दिहाड़ी-मजदूरी करने वालों को भी बसे में 10 रुपये किराया चुकाना ही होगा। सरकार इस फैसले को वापस ले। - तनु निवासी ज्वालामुखी

- पहले सरकार ने सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और दांतों के एक्सरे पर फीस लगा दी और अब बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये कर लोगों का बोझ बढ़ाने का काम किया है। इसका असर विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा। - प्रिया निवासी पासू


सरकार की ओर से बस किराये में बढ़ोतरी करना एक निंदनीय फैसला है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और खासकर रोजाना बस में सफर करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। - चमन लाल निवासी परौर


प्रदेश सरकार का बस किराये में बढ़ोतरी का फैसला आम जनता के लिए सही नहीं है। सरकार को इस फैसले पर विचार विमर्श कर इसे वापस लेना चाहिए, ताकि बस में सफर करने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो। -सीमा देवी निवासी परौर
बस का न्यूनतम किराया बढ़ाया जाना न्यायसंगत नहीं है। गरीब पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है। उस पर न्यूनतम किराया दस रुपये किए जाना केवल मात्र गरीब के लिए ही दुखदाई है। - पंकज दर्शी निवासी राजा का तालाब


गरीब व्यक्ति अधिकतर बस में सफर करता है। गरीब परिवारों के कई युवा घर से कुछ ही दूरी पर कार्य करने को बाध्य हैं। ऐसे में न्यूनतम किराया दस रुपये किए जाने गरीब के लिए नुकसानदायक है। - राजेश चौधरी निवासी राजा का तालाब
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed