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Kangra News: स्टेडियम के बाद चाय बागान बने नया पर्यटन केंद्र
Mon, 21 Sep 2026 08:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 21 Sep 2026 08:11 AM IST
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धर्मशाला के साथ लगते चाय के बागान में घूमते पर्यटक। -अमर उजाला
धर्मशाला। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए दुनिया भर में मशहूर पर्यटन नगरी धर्मशाला में अब चाय के बागान सैलानियों के आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरे हैं। धौलाधार पर्वत शृंखला की तलहटी में फैले हरे-भरे चाय बागान बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को तेजी से अपनी ओर खींच रहे हैं।
धर्मशाला घूमने पहुंच रहे पर्यटक शहर के पारंपरिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अब विशेष रूप से चाय बागानों की सैर को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल कर रहे हैं। चाय बागानों के बीच पहुंचकर सैलानी न केवल शांत और सुरम्य वातावरण का आनंद ले रहे हैं, बल्कि फोटोशूट और वीडियोग्राफी का भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया के इस दौर में कतारबद्ध चाय के पौधों और पृष्ठभूमि में नजर आने वाली धौलाधार की ऊंची चोटियों के बीच रील और वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर सप्ताहांत और रविवार के दिन कुनाल पत्थरी मार्ग और नरघोटा स्थित चाय बागानों में पर्यटकों का भारी जमावड़ा लग रहा है।
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धर्मशाला के इन चाय बागानों की सबसे बड़ी खासियत यहां का नैसर्गिक सौंदर्य है। एक तरफ बिछी मखमली हरी चादर और दूसरी तरफ बर्फीली चोटियों का दृश्य पर्यटकों को एक अलग और यादगार अनुभव प्रदान करता है। यही कारण है कि दूर-दराज से आने वाले युवा और कपल्स यहां सुकून के पल बिताने के साथ-साथ प्राकृतिक दृश्यों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
युवा सैलानियों और नवविवाहित युगलों में इस स्थान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई पर्यटक अपने धर्मशाला प्रवास की यादों को संजोने के लिए यहां पहुंच रहे हैं, तो वहीं कई कपल्स अब इन बागानों को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए मुफीद स्थल मान रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बाजार
पर्यटकों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की जा रही तस्वीरों से इन बागानों की लोकप्रियता देश भर में लगातार बढ़ रही है। बागानों में सैलानियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है। स्थानीय स्तर पर कांगड़ा चाय, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के विपणन को बेहतर बाजार मिल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
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धर्मशाला घूमने पहुंच रहे पर्यटक शहर के पारंपरिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अब विशेष रूप से चाय बागानों की सैर को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल कर रहे हैं। चाय बागानों के बीच पहुंचकर सैलानी न केवल शांत और सुरम्य वातावरण का आनंद ले रहे हैं, बल्कि फोटोशूट और वीडियोग्राफी का भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
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सोशल मीडिया के इस दौर में कतारबद्ध चाय के पौधों और पृष्ठभूमि में नजर आने वाली धौलाधार की ऊंची चोटियों के बीच रील और वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर सप्ताहांत और रविवार के दिन कुनाल पत्थरी मार्ग और नरघोटा स्थित चाय बागानों में पर्यटकों का भारी जमावड़ा लग रहा है।
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धर्मशाला के इन चाय बागानों की सबसे बड़ी खासियत यहां का नैसर्गिक सौंदर्य है। एक तरफ बिछी मखमली हरी चादर और दूसरी तरफ बर्फीली चोटियों का दृश्य पर्यटकों को एक अलग और यादगार अनुभव प्रदान करता है। यही कारण है कि दूर-दराज से आने वाले युवा और कपल्स यहां सुकून के पल बिताने के साथ-साथ प्राकृतिक दृश्यों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
युवा सैलानियों और नवविवाहित युगलों में इस स्थान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई पर्यटक अपने धर्मशाला प्रवास की यादों को संजोने के लिए यहां पहुंच रहे हैं, तो वहीं कई कपल्स अब इन बागानों को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए मुफीद स्थल मान रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बाजार
पर्यटकों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की जा रही तस्वीरों से इन बागानों की लोकप्रियता देश भर में लगातार बढ़ रही है। बागानों में सैलानियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है। स्थानीय स्तर पर कांगड़ा चाय, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के विपणन को बेहतर बाजार मिल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

धर्मशाला के साथ लगते चाय के बागान में घूमते पर्यटक। -अमर उजाला