{"_id":"6ad67e7dadab1fd4570fabb8","slug":"surge-in-dry-fruit-prices-during-the-festive-season-kangra-news-c-399-dsl1017-541179-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में उछाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में उछाल
Tue, 20 Oct 2026 02:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ बाजारों में मेवों और रसोई सामग्री के दामों में 20 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। काजू, पिस्ता, बादाम, देसी घी, बेसन और मैदा महंगा होने से दिवाली पर पकवानों और मिठाइयों का घरेलू खर्च गड़बड़ा गया है।
कच्चे माल के दाम बढ़ने के बावजूद स्थानीय हलवाइयों ने दिवाली तक मिठाइयों की दरें स्थिर रखी हैं। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों को राहत देने के लिए उन्होंने अपने मुनाफे में कटौती की है।
केंद्र सरकार ने मेवों पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 फीसदी किया है। इसके बावजूद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते ईरान और अफगानिस्तान से आपूर्ति बाधित हुई है। समुद्री कंटेनरों का भाड़ा कई गुना बढ़ने से आयातित वस्तुओं के भाव चढ़े हैं।
विज्ञापन
रेट लिस्ट (मूल्य प्रतिकिलो में)
बादाम पहले 850-950 रुपये था, जो अब 1000-1300 रुपये किलो बिक रहा है। मामरा बादाम 3000 से बढ़कर 4000, पिस्ता 1100 से बढ़कर 1800, किशमिश 450 से बढ़कर 550, काजू 900 से बढ़कर 1100 और खजूर 800 से बढ़कर 1200 रुपये प्रति किलो हो गया है। सुनहरी घी 150 से बढ़कर 180, मधुसूदन घी 570 से बढ़कर 740, मैदा 38-45 से बढ़कर 45-55 और बेसन 85-95 से बढ़कर 100-115 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
-- -- -- -- -- --
महंगाई का सीधा असर हमारी बिक्री पर पड़ा है। जरूरी चीजें महंगी होने से लोग पहले के मुकाबले काफी कम खरीदारी कर रहे हैं। -अनमोल गर्ग, मिठाई विक्रेता, कचहरी बाजार
त्योहारी सीजन में दाम तो बढ़े हैं, लेकिन मेवे ज्यादा महंगे होने से उम्मीद है कि लोग गिफ्टिंग के लिए मिठाइयों को ही पहली पसंद बनाएंगे। -आनंद मेहरा, मिठाई विक्रेता, कोतवाली बाजार
देश के भीतर तैयार होने वाले सामान के दाम सामान्य हैं। जो माल विदेशों से आयात होकर आ रहा है, उसी के दामों में अधिक बढ़ोतरी हुई है। -संजीव कायस्था, कारोबारी, कचहरी बाजार
आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में त्योहारों पर घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। -महिंद्र सिंह, निवासी, कोतवाली
रातों-रात चीजों के दाम 10 से 15 रुपये तक बढ़ रहे हैं। हर दिन बढ़ते भावों से समझ ही नहीं आ रहा कि बजट कैसे संभालें। -विमला देवी, निवासी, करेरी
इस बार चौतरफा महंगाई को देखते हुए बजट सीमित करके ही चलना पड़ेगा। मजबूरी में त्योहारी खरीदारी और खर्चे में कटौती करनी पड़ रही है। -शांति देवी, निवासी, नगरोटा बगवां
विज्ञापन
कच्चे माल के दाम बढ़ने के बावजूद स्थानीय हलवाइयों ने दिवाली तक मिठाइयों की दरें स्थिर रखी हैं। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों को राहत देने के लिए उन्होंने अपने मुनाफे में कटौती की है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने मेवों पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 फीसदी किया है। इसके बावजूद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते ईरान और अफगानिस्तान से आपूर्ति बाधित हुई है। समुद्री कंटेनरों का भाड़ा कई गुना बढ़ने से आयातित वस्तुओं के भाव चढ़े हैं।
विज्ञापन
रेट लिस्ट (मूल्य प्रतिकिलो में)
बादाम पहले 850-950 रुपये था, जो अब 1000-1300 रुपये किलो बिक रहा है। मामरा बादाम 3000 से बढ़कर 4000, पिस्ता 1100 से बढ़कर 1800, किशमिश 450 से बढ़कर 550, काजू 900 से बढ़कर 1100 और खजूर 800 से बढ़कर 1200 रुपये प्रति किलो हो गया है। सुनहरी घी 150 से बढ़कर 180, मधुसूदन घी 570 से बढ़कर 740, मैदा 38-45 से बढ़कर 45-55 और बेसन 85-95 से बढ़कर 100-115 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
महंगाई का सीधा असर हमारी बिक्री पर पड़ा है। जरूरी चीजें महंगी होने से लोग पहले के मुकाबले काफी कम खरीदारी कर रहे हैं। -अनमोल गर्ग, मिठाई विक्रेता, कचहरी बाजार
त्योहारी सीजन में दाम तो बढ़े हैं, लेकिन मेवे ज्यादा महंगे होने से उम्मीद है कि लोग गिफ्टिंग के लिए मिठाइयों को ही पहली पसंद बनाएंगे। -आनंद मेहरा, मिठाई विक्रेता, कोतवाली बाजार
देश के भीतर तैयार होने वाले सामान के दाम सामान्य हैं। जो माल विदेशों से आयात होकर आ रहा है, उसी के दामों में अधिक बढ़ोतरी हुई है। -संजीव कायस्था, कारोबारी, कचहरी बाजार
आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में त्योहारों पर घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। -महिंद्र सिंह, निवासी, कोतवाली
रातों-रात चीजों के दाम 10 से 15 रुपये तक बढ़ रहे हैं। हर दिन बढ़ते भावों से समझ ही नहीं आ रहा कि बजट कैसे संभालें। -विमला देवी, निवासी, करेरी
इस बार चौतरफा महंगाई को देखते हुए बजट सीमित करके ही चलना पड़ेगा। मजबूरी में त्योहारी खरीदारी और खर्चे में कटौती करनी पड़ रही है। -शांति देवी, निवासी, नगरोटा बगवां