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Kangra News: उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर गरजे विद्यार्थी और अभिभावक
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धर्मशाला के बॉय स्कूल का दर्जा कम करने को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्कू
धर्मशाला। जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक बॉय स्कूल का दर्जा वरिष्ठ माध्यमिक से घटाकर उच्च करने के फैसले के खिलाफ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने बच्चों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रतिनिधियों ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि स्कूल का दर्जा घटाने से बच्चों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। पहले ही कई विद्यार्थियों ने 11वीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश ले लिया है।
अभिभावकों के अनुसार, अब तक 11वीं और 12वीं कक्षाओं में 80 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। इनमें चंबा सहित अन्य जिलों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। नए दाखिलों पर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अभिभावकों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया कि स्कूल में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया गया है। खेल मैदान, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इसके अलावा नए साइंस और आर्ट्स ब्लॉक, लगभग 20 लाख रुपये की लागत से हॉल और करीब 75 लाख रुपये से 15 स्मार्ट कक्षाएं भी तैयार की गई हैं। स्कूल का दर्जा घटाने से यह पूरा ढांचा बेकार हो जाएगा।
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सरकार करे पुनर्विचार, नहीं तो कोर्ट का करेंगे रुख : सुधीर
विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि बच्चे और अभिभावक इस फैसले से परेशान हैं। उन्होंने उनसे मिलकर समस्या रखी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि शिक्षा से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए। यदि सरकार ने निर्णय पर जल्द पुनर्विचार नहीं किया तो मजबूरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
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प्रदर्शन के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रतिनिधियों ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि स्कूल का दर्जा घटाने से बच्चों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। पहले ही कई विद्यार्थियों ने 11वीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश ले लिया है।
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अभिभावकों के अनुसार, अब तक 11वीं और 12वीं कक्षाओं में 80 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। इनमें चंबा सहित अन्य जिलों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। नए दाखिलों पर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अभिभावकों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया कि स्कूल में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया गया है। खेल मैदान, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इसके अलावा नए साइंस और आर्ट्स ब्लॉक, लगभग 20 लाख रुपये की लागत से हॉल और करीब 75 लाख रुपये से 15 स्मार्ट कक्षाएं भी तैयार की गई हैं। स्कूल का दर्जा घटाने से यह पूरा ढांचा बेकार हो जाएगा।
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सरकार करे पुनर्विचार, नहीं तो कोर्ट का करेंगे रुख : सुधीर
विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि बच्चे और अभिभावक इस फैसले से परेशान हैं। उन्होंने उनसे मिलकर समस्या रखी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि शिक्षा से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए। यदि सरकार ने निर्णय पर जल्द पुनर्विचार नहीं किया तो मजबूरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।