फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Students and parents protested outside the Deputy Commissioner's office premises.

Kangra News: उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर गरजे विद्यार्थी और अभिभावक

Thu, 30 Apr 2026 11:50 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
Students and parents protested outside the Deputy Commissioner's office premises.
धर्मशाला के बॉय स्कूल का दर्जा कम करने को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्कू
धर्मशाला। जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक बॉय स्कूल का दर्जा वरिष्ठ माध्यमिक से घटाकर उच्च करने के फैसले के खिलाफ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने बच्चों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार की मांग उठाई।
विज्ञापन

प्रदर्शन के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रतिनिधियों ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि स्कूल का दर्जा घटाने से बच्चों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। पहले ही कई विद्यार्थियों ने 11वीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश ले लिया है।
विज्ञापन

अभिभावकों के अनुसार, अब तक 11वीं और 12वीं कक्षाओं में 80 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। इनमें चंबा सहित अन्य जिलों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। नए दाखिलों पर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अभिभावकों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया कि स्कूल में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश किया गया है। खेल मैदान, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इसके अलावा नए साइंस और आर्ट्स ब्लॉक, लगभग 20 लाख रुपये की लागत से हॉल और करीब 75 लाख रुपये से 15 स्मार्ट कक्षाएं भी तैयार की गई हैं। स्कूल का दर्जा घटाने से यह पूरा ढांचा बेकार हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
सरकार करे पुनर्विचार, नहीं तो कोर्ट का करेंगे रुख : सुधीर
विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि बच्चे और अभिभावक इस फैसले से परेशान हैं। उन्होंने उनसे मिलकर समस्या रखी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि शिक्षा से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए। यदि सरकार ने निर्णय पर जल्द पुनर्विचार नहीं किया तो मजबूरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed