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Kangra News: गेस्ट हाउस परिसर खाली कराने पर रोक से इनकार, याचिका रद्द
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धर्मशाला। वरिष्ठ सिविल जज धर्मशाला डॉ. हकीकत ढांडा की अदालत ने गेस्ट हाउस-कम-रेस्तरां खाली कराने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने वादी की अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि लीज की लाइसेंस अवधि 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा वादी के पास परिसर का भौतिक कब्जा भी नहीं है।
वादी ने धर्मशाला के समीपवर्ती क्षेत्र में स्थित भवन के मालिक और उनके दो बेटों के खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। इसमें बेदखली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वादी के अनुसार 14 अगस्त 2025 को समझौता हुआ था। इसके तहत परिसर 7.50 लाख रुपये सालाना किराये पर लिया गया था। वादी ने 2.50 लाख रुपये किराया और 1.50 लाख रुपये नवीनीकरण पर खर्च किए थे।
वादी ने एनओसी में सहयोग न करने और खाली करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अदालत ने कहा कि लाइसेंस अवधि बीत चुकी है। वादी ने परिसर में कब्जा न होने की बात का भी खंडन नहीं किया। अदालत के अनुसार मुख्य वाद जीतने पर भी वित्तीय नुकसान की भरपाई संभव है। सुविधा का संतुलन और अपूरणीय क्षति का आधार न बनने पर अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
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वादी ने धर्मशाला के समीपवर्ती क्षेत्र में स्थित भवन के मालिक और उनके दो बेटों के खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। इसमें बेदखली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वादी के अनुसार 14 अगस्त 2025 को समझौता हुआ था। इसके तहत परिसर 7.50 लाख रुपये सालाना किराये पर लिया गया था। वादी ने 2.50 लाख रुपये किराया और 1.50 लाख रुपये नवीनीकरण पर खर्च किए थे।
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वादी ने एनओसी में सहयोग न करने और खाली करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अदालत ने कहा कि लाइसेंस अवधि बीत चुकी है। वादी ने परिसर में कब्जा न होने की बात का भी खंडन नहीं किया। अदालत के अनुसार मुख्य वाद जीतने पर भी वित्तीय नुकसान की भरपाई संभव है। सुविधा का संतुलन और अपूरणीय क्षति का आधार न बनने पर अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
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