फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Start wheat sowing from the end of this month

Kangra News: इस माह के अंत से शुरू करें गेहूं की बिजाई

Thu, 17 Oct 2024 04:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Thu, 17 Oct 2024 04:02 AM IST
विज्ञापन
Start wheat sowing from the end of this month
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश किसानों की अच्छी फसल के लिए अक्तूबर से नंवबर के मध्य तक की जाने वाली गेंहू और अन्य सब्जी की फसलों को लेकर कृषि विवि पालमपुर के वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। इसमें प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्र के किसान सिंचित और असिंचित क्षेत्र के लिए गेहूं की बिजाई अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के मध्य तक कर सकते हैं। इसमें वे गेहूं की एचएस-542 और वीएल-829 जबकि जौ की हिम पालम जौ-1, हिम पालम जौ-2 और एचबीएल 113 किस्में लगा सकते हैं। गेहूं के बीज को बिजाई से पहले फफूंदनाशक बैविस्टिन 2.5 ग्राम या वीटावैक्स 2.5 ग्राम या रैक्सिल 1.0 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में चने की बिजाई की जा सकती है।
विज्ञापन

अच्छे जल निकास वाली दोमट और रेतीली ढेलों वाली भूमि चने की खेती के लिए उत्तम होती है। हिमाचल चना-2, हिमाचल चना-1 और जीपीएफ-2 किस्मों को 30 सेंटीमीटर की दूरी पर जबकि एचपीजी-17 किस्म को 50 सेंटीमीटर की दूरी पर कतारों में बिजाई करें। बीज को 10 सेंटीमीटर गहरा डालें अन्यथा कम गहरी बुआई करने पर उखेड़ा या विल्ट रोग लग सकता है। बीज को बैवस्टिन से उपचार करें। मसर की विपाशा और मारकंडे किस्म प्रदेश के लिए अनुमोदित किस्म है। यदि बीज की बिजाई में देरी होती है तो उस परिस्थिति में बीज की मात्रा 20-25 प्रतिशत अधिक डालें।
विज्ञापन

मसर की बिजाई 20-25 सेंटीमीटर की दूरी पर पंक्तियों में करें। इस समय राया की किस्म आरसीसी.-4 व करण राई, गोभी सरसों की किस्म नीलम, शीतल व ओएनके-1, भूरी सरसों की किस्म केबीएस-3 की बिजाई करें। गोभी सरसों को 45 सेंटीमीटर की दूरी पर पंक्तियों में लगाएं। अन्य तिलहनी फसलों की बीजाई 30 सेंटीमीटर दूरी पर पंक्तियों में केरा विधि से करें। अधिक पैदावार लेने के लिए गोभी सरसों (नीलम)-चना के 1:1 अतराल अपनाने की सिफारिश की जाती है। जबकि बिजाई के समय ईफको मिश्रण खाद 4-5 किलो ग्राम अवश्य डालें।
विज्ञापन
विज्ञापन


निचले पर्वतीय क्षेत्रों में करेें मटर की अगेती किस्म की बिजाई
प्रदेश के निचले पर्वतीय क्षेत्रों में मटर की अगेती किस्म पालम त्रिलोकी, अरकल, वीएल-7 और मटर अगेता की बिजाई करें। इस समय लहसुन बिजाई का उचित समय है। निचले पर्वतीय क्षेत्रों में लहसुन की किस्म जीएचसी-1, एग्री-फाउंड पार्वती या सोलन सलेक्सन की बिजाई कतारों में 15 सेंटीमीटर और बीज की आपस में दूरी 10 सेंटीमीटर रखें। इन्हीं क्षेत्रों में पालक, मेथी, धनिया, मूली, गाजर व शलजम की सीधी बिजाई एवं चाइनीज बंदगोभी, फूलगोभी, बंदगोभी, गांठगोभी और ब्रोकली की तैयार पौध की रोपाई उचित दूरी पर करें। जबकि मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में फूलगोभी, बंदगोभी, गांठगोभी, चाईनीज़ बंदगोभी और ब्रोकली की तैयार पौध की रोपाई करें। मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में मूली, (पूसा हिमानी, मीनो अर्ली, आल सीजऩ), शलजम (पीटीडब्ल्यूजी), पालक (पूसा हरित, पूसा भारती,आलग्रीन), मेथी (पालम सौम्य, पूसा कसूरी, आईसी-74) तथा लहसुन (जीएचसी-1, एग्री-फाउंड पार्वती) आदि की भी बिजाई करें। प्याज की नर्सरी तैयार करने का यह उचित समय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed