{"_id":"6a7e276b8792f7de9b0d835f","slug":"shravan-ashtami-fairs-begin-at-jwalamukhi-temple-kangra-news-c-95-1-kng1047-250066-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: ज्वालाजी में सुबह पांच बजे खुल गए थे कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: ज्वालाजी में सुबह पांच बजे खुल गए थे कपाट
Fri, 14 Aug 2026 01:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
ज्वालामुखी मंदिर गर्भ गृह में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेलों का वीरवार को शुभारंभ हो गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। सुबह पांच बजे मां ज्वालाजी के गर्भगृह के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
विशेष पूजा-अर्चना और भोग प्रसाद के साथ नवरात्र अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। पहले दिन सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम रही। समय बीतने के साथ स्थानीय व अन्य राज्यों से आए भक्तों की आवाजाही बढ़ गई।
मंदिर पुजारी एवं न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि श्रावण नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व है। सावन का महीना भगवान शिव और नवरात्र माता सती का प्रतीक है। श्रद्धालुओं को कतारों में व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 50 अतिरिक्त गृहरक्षक और पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। स्वच्छता व अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए 80 अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। क्षेत्र में धारा 144 लागू होने के कारण मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हथियार या आग्नेयास्त्र ले जाना वर्जित है। इसके अलावा नारियल और ढोल-नगाड़े मंदिर के अंदर ले जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन समय लंगर सेवा और प्राथमिक चिकित्सा के लिए मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
विज्ञापन
विशेष पूजा-अर्चना और भोग प्रसाद के साथ नवरात्र अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। पहले दिन सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम रही। समय बीतने के साथ स्थानीय व अन्य राज्यों से आए भक्तों की आवाजाही बढ़ गई।
विज्ञापन
मंदिर पुजारी एवं न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि श्रावण नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व है। सावन का महीना भगवान शिव और नवरात्र माता सती का प्रतीक है। श्रद्धालुओं को कतारों में व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए 50 अतिरिक्त गृहरक्षक और पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। स्वच्छता व अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए 80 अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। क्षेत्र में धारा 144 लागू होने के कारण मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हथियार या आग्नेयास्त्र ले जाना वर्जित है। इसके अलावा नारियल और ढोल-नगाड़े मंदिर के अंदर ले जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन समय लंगर सेवा और प्राथमिक चिकित्सा के लिए मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

ज्वालामुखी मंदिर गर्भ गृह में दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद