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Kangra News: त्योहारी सीजन में ट्रेड फेयर लगने से भड़के दुकानदार
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जवाली (कांगड़ा)। त्योहारी सीजन के बीच लब में ट्रेड फेयर लगने से स्थानीय दुकानदारों में रोष है। जवाली, कैहरियां और लब के दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन ट्रेड फेयर लगने से उनकी बिक्री प्रभावित हो रही है। ग्राहकों का रुख ट्रेड फेयर की ओर होने से बाजारों में कारोबार मंदा पड़ने की आशंका है।
दुकानदारों राजेश कुमार, राकेश कुमार, सोनू त्यागी, मनीष कुमार, सुभाष, ठाकुर प्रमोद सिंह, हंसराज और अशोक कुमार ने कहा कि ट्रेड फेयर में कपड़े, जूते, बर्तन, फर्नीचर सहित घरेलू उपयोग का सामान बेचा जा रहा है। खानपान की दुकानें और बच्चों के झूले भी लगाए गए हैं। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। कारोबार प्रभावित होने से दुकानों का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड फेयर में सामान खरीदने पर बिल नहीं दिए जा रहे हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी नहीं हो रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से जांच की मांग की है। साथ ही ट्रेड फेयर की अनुमति से पहले व्यापार मंडल से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य करने और त्योहारी सीजन के बाद ही ऐसे आयोजन करवाने की मांग उठाई है।
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- ट्रेड फेयर लगाने से पहले व्यापार मंडल से कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है। इससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। - डॉ. राजिंदर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष, लब
- ट्रेड फेयर आयोजक से कूड़ा उठाने के पैसे लिए गए हैं। निजी भूमि पर ट्रेड फेयर लगाने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन निर्धारित मापदंड पूरे करना अनिवार्य हैं। - गणेश राज शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जवाली
- ट्रेड फेयर निजी भूमि पर लगाया गया है। इसके लिए अनुमति जरूरी नहीं है, लेकिन आयोजकों को सभी निर्धारित मापदंडों का पालन करना होगा। - नरेंद्र जरियाल, एसडीएम जवाली
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दुकानदारों राजेश कुमार, राकेश कुमार, सोनू त्यागी, मनीष कुमार, सुभाष, ठाकुर प्रमोद सिंह, हंसराज और अशोक कुमार ने कहा कि ट्रेड फेयर में कपड़े, जूते, बर्तन, फर्नीचर सहित घरेलू उपयोग का सामान बेचा जा रहा है। खानपान की दुकानें और बच्चों के झूले भी लगाए गए हैं। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। कारोबार प्रभावित होने से दुकानों का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो जाएगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड फेयर में सामान खरीदने पर बिल नहीं दिए जा रहे हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी नहीं हो रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से जांच की मांग की है। साथ ही ट्रेड फेयर की अनुमति से पहले व्यापार मंडल से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य करने और त्योहारी सीजन के बाद ही ऐसे आयोजन करवाने की मांग उठाई है।
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- ट्रेड फेयर लगाने से पहले व्यापार मंडल से कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है। इससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। - डॉ. राजिंदर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष, लब
- ट्रेड फेयर आयोजक से कूड़ा उठाने के पैसे लिए गए हैं। निजी भूमि पर ट्रेड फेयर लगाने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन निर्धारित मापदंड पूरे करना अनिवार्य हैं। - गणेश राज शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद जवाली
- ट्रेड फेयर निजी भूमि पर लगाया गया है। इसके लिए अनुमति जरूरी नहीं है, लेकिन आयोजकों को सभी निर्धारित मापदंडों का पालन करना होगा। - नरेंद्र जरियाल, एसडीएम जवाली