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जातिवार जनगणना में ओबीसी का बने अलग कॉलम : मोहिंद्र
Thu, 03 Sep 2026 06:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:48 AM IST
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धर्मशाला में डीसी कार्यालय के बाहर ओबीसी की अलग गणना करवाने के लिए धरना देते राष्ट्रीय पिछड़ा व
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धर्मशाला। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से वैज्ञानिक व प्रमाणिक गणना करवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। मोर्चा ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तर्ज पर ही ओबीसी की अलग से गणना करवाने की मांग दोहराई।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सटीक नीतियां तैयार करने के लिए ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार को जातिवार गणना की स्पष्ट व मानकीकृत व्यवस्था करनी चाहिए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रतिनिधि मोहिंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि खुले कॉलम के स्थान पर प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट कोड निर्धारित किया जाए, जिससे आंकड़ों में कोई अस्पष्टता न रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अलग से गणना नहीं की जा सकती, तो राजस्व रिकॉर्ड से जातियों का उल्लेख पूरी तरह हटाया जाए और सभी को एक ही छत के नीचे समान शिक्षा दी जाए।
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मोर्चा ने राज्यवार आधिकारिक जाति निर्देशिका तैयार करने और आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। चेताया कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रधान अमीचंद, मदन लाल चौधरी, डॉ. सुरेश, मोहर सिंह, जोगिंद्र पाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सटीक नीतियां तैयार करने के लिए ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का आधिकारिक आंकड़ा सामने आना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार को जातिवार गणना की स्पष्ट व मानकीकृत व्यवस्था करनी चाहिए।
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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रतिनिधि मोहिंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि खुले कॉलम के स्थान पर प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट कोड निर्धारित किया जाए, जिससे आंकड़ों में कोई अस्पष्टता न रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अलग से गणना नहीं की जा सकती, तो राजस्व रिकॉर्ड से जातियों का उल्लेख पूरी तरह हटाया जाए और सभी को एक ही छत के नीचे समान शिक्षा दी जाए।
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मोर्चा ने राज्यवार आधिकारिक जाति निर्देशिका तैयार करने और आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। चेताया कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रधान अमीचंद, मदन लाल चौधरी, डॉ. सुरेश, मोहर सिंह, जोगिंद्र पाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।