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Kangra News: आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड ने काटे 2,953 चालान, 83.15 लाख वसूले
Thu, 03 Sep 2026 07:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 03 Sep 2026 07:17 AM IST
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धर्मशाला। कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना सहित चार जिलों में आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ा शिकंजा कसा है। फ्लाइंग स्क्वायड ने अप्रैल से 30 अगस्त तक अभियान चलाते हुए कुल 2,953 चालान किए हैं। इस दौरान तहत नियमों की अवहेलना करने वालों से 83,15,200 रुपये की भारी कंपाउंडिंग राशि वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करवाई गई है।
टीम की ओर से सबसे सख्त रुख ओवरलोडिंग के मामलों में अपनाया जा रहा है। क्षमता से अधिक माल ढोने वाले व्यावसायिक वाहनों पर सीधे 20 हजार रुपये का बेसिक चालान किया जाता है। इसके अतिरिक्त निर्धारित भार सीमा से ऊपर पाए जाने वाले प्रत्येक टन पर 2,000 रुपये प्रति टन की दर से अतिरिक्त जुर्माना ठोका जाता है।
मौके पर जांच के दौरान अधिकारी वाहन के माल बिल (ई-वे बिल) और आरसी में दर्ज स्वीकृत क्षमता का तकनीकी मिलान करते हैं। यदि किसी वाहन में भार को लेकर संशय होता है, तो उसे तुरंत निकटतम वे-ब्रिज (धर्मकांटा) पर ले जाकर वास्तविक वजन कराया जाता है। स्वीकृत क्षमता और वास्तविक भार के अंतर को ओवरलोडिंग मानकर कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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जांच और चालान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व विवादमुक्त रखने के लिए अधिकारी बॉडी कैमरों से लैस होकर फील्ड में उतर रहे हैं। चेकिंग के दौरान अधिकारी और चालक के बीच होने वाली बातचीत व संपूर्ण गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरे में सुरक्षित रहती है। वर्तमान में धर्मशाला कार्यालय के पास स्वीकृत चार ट्रैफिक इंस्पेक्टरों के लिए चार बॉडी कैमरे उपलब्ध हैं। स्टाफ में बढ़ोतरी होने पर अतिरिक्त कैमरों की मांग सरकार को भेजी जाएगी।
अधिकारी असीम सूद ने बताया कि
सड़कों पर चालानों की संख्या सीधे तौर पर ट्रैफिक लोड और उल्लंघनों की स्थिति पर निर्भर करती है। अप्रैल-मई के पर्यटन सीजन और दिसंबर-जनवरी के महीनों में वाहनों का दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिसके कारण इन अवधियों में विभाग का निगरानी और प्रवर्तन अभियान अधिक व्यापक रहता है। -असीम सूद, आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड
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टीम की ओर से सबसे सख्त रुख ओवरलोडिंग के मामलों में अपनाया जा रहा है। क्षमता से अधिक माल ढोने वाले व्यावसायिक वाहनों पर सीधे 20 हजार रुपये का बेसिक चालान किया जाता है। इसके अतिरिक्त निर्धारित भार सीमा से ऊपर पाए जाने वाले प्रत्येक टन पर 2,000 रुपये प्रति टन की दर से अतिरिक्त जुर्माना ठोका जाता है।
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मौके पर जांच के दौरान अधिकारी वाहन के माल बिल (ई-वे बिल) और आरसी में दर्ज स्वीकृत क्षमता का तकनीकी मिलान करते हैं। यदि किसी वाहन में भार को लेकर संशय होता है, तो उसे तुरंत निकटतम वे-ब्रिज (धर्मकांटा) पर ले जाकर वास्तविक वजन कराया जाता है। स्वीकृत क्षमता और वास्तविक भार के अंतर को ओवरलोडिंग मानकर कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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जांच और चालान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व विवादमुक्त रखने के लिए अधिकारी बॉडी कैमरों से लैस होकर फील्ड में उतर रहे हैं। चेकिंग के दौरान अधिकारी और चालक के बीच होने वाली बातचीत व संपूर्ण गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरे में सुरक्षित रहती है। वर्तमान में धर्मशाला कार्यालय के पास स्वीकृत चार ट्रैफिक इंस्पेक्टरों के लिए चार बॉडी कैमरे उपलब्ध हैं। स्टाफ में बढ़ोतरी होने पर अतिरिक्त कैमरों की मांग सरकार को भेजी जाएगी।
अधिकारी असीम सूद ने बताया कि
सड़कों पर चालानों की संख्या सीधे तौर पर ट्रैफिक लोड और उल्लंघनों की स्थिति पर निर्भर करती है। अप्रैल-मई के पर्यटन सीजन और दिसंबर-जनवरी के महीनों में वाहनों का दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिसके कारण इन अवधियों में विभाग का निगरानी और प्रवर्तन अभियान अधिक व्यापक रहता है। -असीम सूद, आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड