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Kangra News: चिट्टे के मामले में तीन दोषियों को कठोर कारावास
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पालमपुर (कांगड़ा)। चिट्टा तस्करी के मामले में पालमपुर स्थित विशेष न्यायाधीश धीरू ठाकुर की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस ने मार्च 2024 में आरोपियों के किराये के कमरे से आठ ग्राम चिट्टा बरामद किया था। अदालत ने पंकज कुमार उर्फ पंकू निवासी घुग्गर टांडा, शशि कुमार उर्फ आशु और दीपक कुमार, दोनों निवासी बिहार, हाल पता घुग्गर टांडा को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(बी) और 29 के तहत दोषी ठहराया।
अभियोजन के अनुसार मार्च 2024 में पालमपुर पुलिस की टीम गश्त पर थी। शाम करीब 5:45 बजे राम चौक पर पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरोपी घुग्गर टांडा क्षेत्र में अपने किराये के कमरे से ग्राहकों को चिट्टा बेच रहे हैं। पुलिस ने सूचना दर्ज करने के बाद नियमानुसार तलाशी की। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कमरे की तलाशी लेने पर फोल्डिंग बेड के गद्दे के नीचे पारदर्शी पॉलीथिन में भूरे रंग का पाउडर और ठोस पदार्थ मिला। जांच में यह हेरोइन पाया गया, जिसका वजन आठ ग्राम था।
अदालत ने साक्ष्यों और परिस्थितियों का आकलन करते हुए तीनों को दोषी करार दिया। पंकज कुमार को दो साल का कठोर कारावास और कुल 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर धारा 21(बी) में पांच महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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शशि कुमार को एक वर्ष नौ महीने का कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं, दीपक कुमार को एक वर्ष तीन महीने का कठोर कारावास और कुल 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। साथ ही तीनों दोषियों को अगले एक वर्ष तक एनडीपीएस अधिनियम के अध्याय चार के तहत कोई अपराध न करने के लिए एक-एक लाख रुपये के बांड और इतनी ही राशि के जमानती प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
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अभियोजन के अनुसार मार्च 2024 में पालमपुर पुलिस की टीम गश्त पर थी। शाम करीब 5:45 बजे राम चौक पर पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरोपी घुग्गर टांडा क्षेत्र में अपने किराये के कमरे से ग्राहकों को चिट्टा बेच रहे हैं। पुलिस ने सूचना दर्ज करने के बाद नियमानुसार तलाशी की। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कमरे की तलाशी लेने पर फोल्डिंग बेड के गद्दे के नीचे पारदर्शी पॉलीथिन में भूरे रंग का पाउडर और ठोस पदार्थ मिला। जांच में यह हेरोइन पाया गया, जिसका वजन आठ ग्राम था।
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अदालत ने साक्ष्यों और परिस्थितियों का आकलन करते हुए तीनों को दोषी करार दिया। पंकज कुमार को दो साल का कठोर कारावास और कुल 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर धारा 21(बी) में पांच महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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शशि कुमार को एक वर्ष नौ महीने का कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं, दीपक कुमार को एक वर्ष तीन महीने का कठोर कारावास और कुल 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। साथ ही तीनों दोषियों को अगले एक वर्ष तक एनडीपीएस अधिनियम के अध्याय चार के तहत कोई अपराध न करने के लिए एक-एक लाख रुपये के बांड और इतनी ही राशि के जमानती प्रस्तुत करने के आदेश दिए।