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Kangra News: कृषि विवि में प्राकृतिक धान खेती परियोजना की समीक्षा
Thu, 03 Sep 2026 06:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:52 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) की टीम ने दौरा किया। इस दौरान संस्थान के जैविक कृषि एवं प्राकृतिक खेती विभाग में संचालित सहयोगात्मक परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। परियोजना के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. पन्नीरसेल्वम पेरमैयन ने अनुसंधान गतिविधियों और खरीफ धान के विभिन्न परीक्षणों का मौके पर अवलोकन किया।
वर्ष 2025 से जारी इस परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश की धान आधारित फसल प्रणालियों में प्राकृतिक खेती के प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उत्पादकता, किसानों की लाभप्रदता, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर का वैज्ञानिक आकलन हो रहा है।
डॉ. पेरमैयन ने प्रसार शिक्षा निदेशक एवं परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. जनार्दन सिंह से मुलाकात कर शोध परीक्षणों व प्रदर्शनों में विद्यार्थियों की सहभागिता पर चर्चा की। उन्होंने फसल के प्रदर्शन पर संतोष जताया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अनिश्चित मौसम, घटती मृदा उर्वरता और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत व जल-कुशल तकनीकों को बढ़ावा देना है।
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वर्ष 2025 से जारी इस परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश की धान आधारित फसल प्रणालियों में प्राकृतिक खेती के प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उत्पादकता, किसानों की लाभप्रदता, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर का वैज्ञानिक आकलन हो रहा है।
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डॉ. पेरमैयन ने प्रसार शिक्षा निदेशक एवं परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. जनार्दन सिंह से मुलाकात कर शोध परीक्षणों व प्रदर्शनों में विद्यार्थियों की सहभागिता पर चर्चा की। उन्होंने फसल के प्रदर्शन पर संतोष जताया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अनिश्चित मौसम, घटती मृदा उर्वरता और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत व जल-कुशल तकनीकों को बढ़ावा देना है।
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