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ज्वालामुखी में अष्टमी पर टूटे रिकार्ड
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ज्वालामुखी मंदिर में दुर्गाष्टमी पर उमड़ी भीड़। संवाद
- फोटो : Kangra
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ज्वालामुखी/चामुंडा (कांगड़ा)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी में बुधवार को अष्टमी पर रिकॉर्ड टूट गए। तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी दीनानाथ यादव ने बताया कि मंगलवार को आठवें नवरात्र पर लगभग 32,000 श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए। दो वर्षों बाद इतनी तादाद में भीड़ देखी।
विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी में मंगलवार शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु अष्टमी पूजन के लिए ज्वालाजी पहुंचे। ज्वाला माता को बुधवार को विशेष हलवे, पूरी और चने का भोग भी लगाया गया। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और अष्टमी पूजन किया। भक्तों ने मां ज्वालामुखी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया और हलवा-पूरी का भोग ज्वाला मां को लगाया और कन्या पूजन किया। मंदिर न्यास सदस्य एवं पुजारी सौरभ शर्मा ने बताया कि इस दिन महागौरी के रूप में दुर्गा माता की पूजा की जाती है।
अष्टमी नवरात्र के पावन उपलक्ष्य पर श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी करवाते हैं। ज्वालामुखी मंदिर में 40 सीसीटीवी कैमरों और 50 पुलिस जवानों से सुरक्षा व्यवस्था देखी जा रही है। हरियाणा से अनु गर्ग, मोहित, राजकुमार, राजेश ने बताया कि अष्टमी के पवित्र दिन मां ज्वाला के दर्शन किए। इससे पहले सातवें नवरात्र पर मां के भक्तों ने 11,17,462 रुपये की नकद राशि, पांच ग्राम सोना तथा 534 ग्राम चांदी चढ़ाई। इसके अलावा 50 पौंड मां के चरणों में अर्पित किए गए।
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बज्रेश्वरी मंदिर में बीस हजार ने नवाया शीश
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में अष्टमी के दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ गया। मंदिर में देर शाम तक बीस हजार श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। भोर फटते ही माता के मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे शहर की सड़कें यात्रियों की आवाजाही से गुलजार हो गईं। गुप्तगंगा रोड श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा रहा। निजी पार्किंग फुल रहीं। मंदिर बाजार में दिन भर खूब रौनक रही। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि सप्तमी के दिन यात्रियों ने 3,95,945 रुपये की चढ़त चढ़ाई। वहीं, तीन ग्राम सोना और 270 ग्राम चांदी का चढ़ावा चढ़ा। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
रात 12 बजे मां चामुंडा को लगाया 108 व्यंजनों का भोग
नया सिंदूर चढ़ाने के बाद किया नशीत पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में बुधवार रात 10 बजे मां चामुंडा का पुराना सिंदूर उतारकर नया सिंदूर चढ़ाया गया। इसके पश्चात मां चामुंडा का नशीत पूजन किया गया। रात 12 बजे मां चामुंडा को देसी घी से बने 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
इससे पहले दिन के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि अष्टमी के लिए मंदिर को ताजे फूलों से सजाया गया और दसवीं के ठीक 12 बजे पूर्णाहुति डालकर शरदीय नवरात्र का समापन किया जाएगा। बुधवार को लगभग 6000 हजार श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार व नंदिकेश्वर धाम में नतमस्तक हुए। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। हर श्रद्धालु को सरकार की एसओपी के तहत दर्शन करवाए जा रहे हैं।
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विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी में मंगलवार शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु अष्टमी पूजन के लिए ज्वालाजी पहुंचे। ज्वाला माता को बुधवार को विशेष हलवे, पूरी और चने का भोग भी लगाया गया। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और अष्टमी पूजन किया। भक्तों ने मां ज्वालामुखी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया और हलवा-पूरी का भोग ज्वाला मां को लगाया और कन्या पूजन किया। मंदिर न्यास सदस्य एवं पुजारी सौरभ शर्मा ने बताया कि इस दिन महागौरी के रूप में दुर्गा माता की पूजा की जाती है।
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अष्टमी नवरात्र के पावन उपलक्ष्य पर श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी करवाते हैं। ज्वालामुखी मंदिर में 40 सीसीटीवी कैमरों और 50 पुलिस जवानों से सुरक्षा व्यवस्था देखी जा रही है। हरियाणा से अनु गर्ग, मोहित, राजकुमार, राजेश ने बताया कि अष्टमी के पवित्र दिन मां ज्वाला के दर्शन किए। इससे पहले सातवें नवरात्र पर मां के भक्तों ने 11,17,462 रुपये की नकद राशि, पांच ग्राम सोना तथा 534 ग्राम चांदी चढ़ाई। इसके अलावा 50 पौंड मां के चरणों में अर्पित किए गए।
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बज्रेश्वरी मंदिर में बीस हजार ने नवाया शीश
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में अष्टमी के दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ गया। मंदिर में देर शाम तक बीस हजार श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। भोर फटते ही माता के मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे शहर की सड़कें यात्रियों की आवाजाही से गुलजार हो गईं। गुप्तगंगा रोड श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा रहा। निजी पार्किंग फुल रहीं। मंदिर बाजार में दिन भर खूब रौनक रही। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि सप्तमी के दिन यात्रियों ने 3,95,945 रुपये की चढ़त चढ़ाई। वहीं, तीन ग्राम सोना और 270 ग्राम चांदी का चढ़ावा चढ़ा। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
रात 12 बजे मां चामुंडा को लगाया 108 व्यंजनों का भोग
नया सिंदूर चढ़ाने के बाद किया नशीत पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में बुधवार रात 10 बजे मां चामुंडा का पुराना सिंदूर उतारकर नया सिंदूर चढ़ाया गया। इसके पश्चात मां चामुंडा का नशीत पूजन किया गया। रात 12 बजे मां चामुंडा को देसी घी से बने 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
इससे पहले दिन के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि अष्टमी के लिए मंदिर को ताजे फूलों से सजाया गया और दसवीं के ठीक 12 बजे पूर्णाहुति डालकर शरदीय नवरात्र का समापन किया जाएगा। बुधवार को लगभग 6000 हजार श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार व नंदिकेश्वर धाम में नतमस्तक हुए। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। हर श्रद्धालु को सरकार की एसओपी के तहत दर्शन करवाए जा रहे हैं।