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Kangra News: राणा ने इना बड़ियां जो तुड़का लाणा... गीत पर नचाए लोग
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धुम्मू शाह मेले में।प्रस्तुति देते कमल नेहरिया। संवाद
धर्मशाला। दाड़ी में आयोजित ऐतिहासिक धुम्मूशाह मेले की दूसरी एवं अंतिम सांस्कृतिक संध्या सोमवार को पारंपरिक रंगों, उमंग और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर हिमाचली लोकगायक सुनील राणा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राणा के गाए दूर बिंदला, इना बड़ियां जो तुड़का लाणा, काला घघरा, शिव कैलाशों के वासी और धूड़ू नचेया ओ जटा ओ खलारी व कुत्थू ते आइयां दो जणियां आदि लोकप्रिय लोकगीतों पर दर्शक झूम उठे।
सोमवार को संपन्न हुई इस सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेटलमेंट अधिकारी अक्षय सूद ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। धुम्मूशाह मेला न केवल क्षेत्रीय आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
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कार्यक्रम में सुनील मस्ती, लोकगायक राज जेरी और कमल नेहरियां सहित अन्य कलाकारों ने भी गद्दी और हिमाचली लोकगीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी, मेला कमेटी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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सोमवार को संपन्न हुई इस सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेटलमेंट अधिकारी अक्षय सूद ने शिरकत की।
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उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। धुम्मूशाह मेला न केवल क्षेत्रीय आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
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कार्यक्रम में सुनील मस्ती, लोकगायक राज जेरी और कमल नेहरियां सहित अन्य कलाकारों ने भी गद्दी और हिमाचली लोकगीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी, मेला कमेटी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

धुम्मू शाह मेले में।प्रस्तुति देते कमल नेहरिया। संवाद