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Kangra News: शहीद स्मारक की पार्किंग पर चार्जिंग स्टेशन का विरोध शुरू
Thu, 15 May 2025 09:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 15 May 2025 09:26 AM IST
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धर्मशाला। राज्य शहीद स्मारक धर्मशाला की भूमि पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने के प्रस्ताव ने विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्व सैनिकों और सामाजिक संगठनों ने इसे शहीदों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका कहना है कि बलिदान की प्रतीक इस भूमि पर व्यवसायिक ढांचा मंजूर नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने राज्य युद्ध स्मारक की पार्किंग की एक कनाल भूमि परिवहन विभाग को हस्तांतरित कर दी है, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। मगर हिमाचल प्रदेश राज्य युद्ध स्मारक विकास सोसायटी सहित स्थानीय संस्थाओं ने इसका कड़ा विरोध जताया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य युद्ध स्मारक विकास सोसायटी के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) केके डढवाल ने कहा कि समिति को विश्वास में लिए बिना जमीन स्थानांतरित करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को धर्मशाला दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री को भी इस मुद्दे से अवगत करवाया गया था। साथ ही उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज करवाई गई है।
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कर्नल डढवाल ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो समिति इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की कई संस्थाओं ने भी चार्जिंग स्टेशन के विरोध में समर्थन किया है। कुछ दिन पूर्व जब संबंधित कंपनी के कर्मचारी स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे तो पूर्व सैनिकों के विरोध के बाद उन्हें वहां से लौटना पड़ा।
उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष सोनी ने बताया कि एक कनाल भूमि परिवहन विभाग के नाम पर हस्तांतरित हुई है और फिलहाल उस पर विचार किया जा रहा है।
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जिला प्रशासन ने राज्य युद्ध स्मारक की पार्किंग की एक कनाल भूमि परिवहन विभाग को हस्तांतरित कर दी है, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। मगर हिमाचल प्रदेश राज्य युद्ध स्मारक विकास सोसायटी सहित स्थानीय संस्थाओं ने इसका कड़ा विरोध जताया है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य युद्ध स्मारक विकास सोसायटी के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) केके डढवाल ने कहा कि समिति को विश्वास में लिए बिना जमीन स्थानांतरित करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को धर्मशाला दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री को भी इस मुद्दे से अवगत करवाया गया था। साथ ही उपायुक्त कांगड़ा को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज करवाई गई है।
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कर्नल डढवाल ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो समिति इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की कई संस्थाओं ने भी चार्जिंग स्टेशन के विरोध में समर्थन किया है। कुछ दिन पूर्व जब संबंधित कंपनी के कर्मचारी स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे तो पूर्व सैनिकों के विरोध के बाद उन्हें वहां से लौटना पड़ा।
उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष सोनी ने बताया कि एक कनाल भूमि परिवहन विभाग के नाम पर हस्तांतरित हुई है और फिलहाल उस पर विचार किया जा रहा है।