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Kangra News: पोल्ट्री इकाइयों से खुले रोजगार के द्वार
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कृषि विवि पालमपुर में महिलाओं को पोल्ट्री किट देते हुए मुख्यातिथि व अन्य
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय में अनुसूचित जाति समुदायों की सतत आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 25 बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों का उद्घाटन किया गया। इस दौरान चयनित लाभार्थियों को किटें वितरित की गईं। प्रत्येक इकाई में एक दिन के चूजे, संतुलित आहार, आवश्यक औषधियां, पोषण पूरक सहित आवश्यक उपकरण शामिल रहे।
कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक डॉ. एके मोहंती ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। डॉ. मोहंती ने विश्वविद्यालय की ओर से वैज्ञानिक अनुसंधान को जमीनी स्तर पर लागू कर ग्रामीण परिवारों की आय एवं पोषण सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि इस प्रकार के पशुधन आधारित विकासात्मक कार्यक्रम विश्वविद्यालय की समावेशी विकास एवं वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. सोनाली मिश्रा ने आए लोगों का स्वागत किया।
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डॉ. आरडी पाटिल विभागाध्यक्ष पशु रोग विज्ञान विभाग ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए रोग निगरानी, वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन एवं कृषक क्षमता निर्माण की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. पंकज सूद अधिष्ठाता ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व विश्वविद्यालय के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में अधिकांश लाभार्थी महिला कृषक थीं, जो ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
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कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक डॉ. एके मोहंती ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। डॉ. मोहंती ने विश्वविद्यालय की ओर से वैज्ञानिक अनुसंधान को जमीनी स्तर पर लागू कर ग्रामीण परिवारों की आय एवं पोषण सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
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वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि इस प्रकार के पशुधन आधारित विकासात्मक कार्यक्रम विश्वविद्यालय की समावेशी विकास एवं वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. सोनाली मिश्रा ने आए लोगों का स्वागत किया।
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डॉ. आरडी पाटिल विभागाध्यक्ष पशु रोग विज्ञान विभाग ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए रोग निगरानी, वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन एवं कृषक क्षमता निर्माण की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. पंकज सूद अधिष्ठाता ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व विश्वविद्यालय के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में अधिकांश लाभार्थी महिला कृषक थीं, जो ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।