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Kangra News: दुधारू गाय की बीमा राशि ब्याज सहित देने के आदेश
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दुधारू गाय की बीमा राशि ब्याज सहित देने के आदेश
बीमा कंपनी को मुआवजा और मुकद्दमा फीस भी देनी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बीमित दुधारू गाय की मौत के बाद क्लेम न देने पर अब कंपनी को नौ फीसदी ब्याज के साथ 35 हजार रुपये ग्राहक को देने होंगे। साथ ही 7,500 रुपये मुआवजा और 7,500 रुपये मुकदमा फीस भी चुकानी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष बुद्धि सिंह निवासी खरोता, तहसील जवाली ने इसके बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि 21 नवंबर 2019 को उन्होंने अपनी एक भैंस और एक दुधारू गाय का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था। भैंस का सात साल की अवधि के लिए 40,000 रुपये और दुधारू गाय का चार साल की अवधि के लिए 35,000 रुपये का बीमा करवाया था। भैंस के लिए 2,800 रुपये और गाय के लिए 2,449 रुपये का बीमा प्रीमियम शिकायतकर्ता की ओर से उसी दिन विपक्षी को भुगतान किया गया था। इन मवेशियों के बीमा के समय पशु चिकित्सक ने उनका विधिवत निरीक्षण और उनके मूल्य का आकलन किया और गाय को टैग संख्या भी जारी की गई थी।
उन्होंने बताया कि गाय बीमार पड़ गई और 12 अक्तूबर 2021 को उसकी मौत हो गई। गाय का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक की ओर से किया गया। पशुपालन विभाग ने इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी जिसे बीमा कंपनी को सभी दस्तावेजों के साथ इंश्योरेंस राशि देने के लिए सौंप दी। बावजूद इसके बीमा कंपनी की ओर से राशि नहीं दी गई, जिस पर उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
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बीमा कंपनी को मुआवजा और मुकद्दमा फीस भी देनी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बीमित दुधारू गाय की मौत के बाद क्लेम न देने पर अब कंपनी को नौ फीसदी ब्याज के साथ 35 हजार रुपये ग्राहक को देने होंगे। साथ ही 7,500 रुपये मुआवजा और 7,500 रुपये मुकदमा फीस भी चुकानी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष बुद्धि सिंह निवासी खरोता, तहसील जवाली ने इसके बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि 21 नवंबर 2019 को उन्होंने अपनी एक भैंस और एक दुधारू गाय का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था। भैंस का सात साल की अवधि के लिए 40,000 रुपये और दुधारू गाय का चार साल की अवधि के लिए 35,000 रुपये का बीमा करवाया था। भैंस के लिए 2,800 रुपये और गाय के लिए 2,449 रुपये का बीमा प्रीमियम शिकायतकर्ता की ओर से उसी दिन विपक्षी को भुगतान किया गया था। इन मवेशियों के बीमा के समय पशु चिकित्सक ने उनका विधिवत निरीक्षण और उनके मूल्य का आकलन किया और गाय को टैग संख्या भी जारी की गई थी।
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उन्होंने बताया कि गाय बीमार पड़ गई और 12 अक्तूबर 2021 को उसकी मौत हो गई। गाय का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक की ओर से किया गया। पशुपालन विभाग ने इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी जिसे बीमा कंपनी को सभी दस्तावेजों के साथ इंश्योरेंस राशि देने के लिए सौंप दी। बावजूद इसके बीमा कंपनी की ओर से राशि नहीं दी गई, जिस पर उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
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