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Kangra News: निजी स्कूल की पीली गाड़ियों को दूर के रूट की अनुमति देने का विरोध
Fri, 18 Jul 2025 07:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 18 Jul 2025 07:01 PM IST
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मांगों को लेकर आरटीओ कांगड़ा से मिले विभिन्न टैक्सी यूनियनों के सदस्य
टैक्सी के अलावा अन्य निजी वाहनों को न दी जाए दूर जाने की अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कांगड़ा जिले केे विभिन्न टैक्सी यूनियनों के चालक वीरवार को धर्मशाला में आरटीओ से मिले। इस दौरान उन्होंने निजी बसों, निजी वाहनों और निजी स्कूल की पीली रंग वाली गाड़ियों को दूर के रूट की अनुमति देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि टैक्सी मालिक और चालक सरकार को टैक्स भरते हैं, लेकिन देखने में आया है कि जितने भी टैक्सी चालक हैं वे बेकार खडे रहते हैं और निजी बसों, छोटे निजी वाहनों और रूट वाली बसों को दूर जाने की आज्ञा दी जा रही है। इससे टैक्सी ऑपरेटरों का कार्य ठप हो रहा है।
टैक्सी ऑपरेटर अभय कोहली, दिलदार सिंह, संजू, मुकेश, दीपू, चंचल पटेल, महेश, हेमराज आदि ने बताया कि टैक्सी से ही उनके परिवार का पालन पोषण होता है। मगर निजी बसों को रूट की आज्ञा देकर टैक्सी चालकों के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिससे दो वक्त की रोजी रोटी को चलाना मुश्किल हो गया है। जब छोटे-बड़े वाहनों को आपके कार्यालय से आज्ञा दी जाती है तो टैक्सी चालकों का काम प्रभावित होता है।
कई बार तो गाडी में तेल डालने का खर्चा भी नहीं निकलता है। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालकों ने ऑल इंडिया का परमिट लिया है, लेकिन उन्हें छोड़ कर दूसरे निजी वाहनों और स्कूल के वाहनों को दूर के रूटों पर आज्ञा दी जाती है। इससे निजी वाहन चालक दोहरी कमाई कर रहे हैं और टैक्सी चालकों को अपनी गाड़ी की किस्त भरने के लाले पड़े हैं।उन्होंने आरटीओ से मांग की है कि टैक्सी के अलावा अन्य निजी वाहनों को दूर जाने की आज्ञा न दी जाए।
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उधर, आरटीओ मनीष कुमार सोनी ने कहा कि टैक्सी चालक अपनी समस्या लेकर आए थे। निजी बस बिना किसी अनुमति के किसी रूट पर वाहन नहीं चला सकते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने टैक्सी ऑपरेटरों से कहा कि अगर इस तरह कोई बस चालक कर रहा है तो इसकी जानकारी दें।
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टैक्सी के अलावा अन्य निजी वाहनों को न दी जाए दूर जाने की अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कांगड़ा जिले केे विभिन्न टैक्सी यूनियनों के चालक वीरवार को धर्मशाला में आरटीओ से मिले। इस दौरान उन्होंने निजी बसों, निजी वाहनों और निजी स्कूल की पीली रंग वाली गाड़ियों को दूर के रूट की अनुमति देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि टैक्सी मालिक और चालक सरकार को टैक्स भरते हैं, लेकिन देखने में आया है कि जितने भी टैक्सी चालक हैं वे बेकार खडे रहते हैं और निजी बसों, छोटे निजी वाहनों और रूट वाली बसों को दूर जाने की आज्ञा दी जा रही है। इससे टैक्सी ऑपरेटरों का कार्य ठप हो रहा है।
टैक्सी ऑपरेटर अभय कोहली, दिलदार सिंह, संजू, मुकेश, दीपू, चंचल पटेल, महेश, हेमराज आदि ने बताया कि टैक्सी से ही उनके परिवार का पालन पोषण होता है। मगर निजी बसों को रूट की आज्ञा देकर टैक्सी चालकों के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिससे दो वक्त की रोजी रोटी को चलाना मुश्किल हो गया है। जब छोटे-बड़े वाहनों को आपके कार्यालय से आज्ञा दी जाती है तो टैक्सी चालकों का काम प्रभावित होता है।
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कई बार तो गाडी में तेल डालने का खर्चा भी नहीं निकलता है। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालकों ने ऑल इंडिया का परमिट लिया है, लेकिन उन्हें छोड़ कर दूसरे निजी वाहनों और स्कूल के वाहनों को दूर के रूटों पर आज्ञा दी जाती है। इससे निजी वाहन चालक दोहरी कमाई कर रहे हैं और टैक्सी चालकों को अपनी गाड़ी की किस्त भरने के लाले पड़े हैं।उन्होंने आरटीओ से मांग की है कि टैक्सी के अलावा अन्य निजी वाहनों को दूर जाने की आज्ञा न दी जाए।
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उधर, आरटीओ मनीष कुमार सोनी ने कहा कि टैक्सी चालक अपनी समस्या लेकर आए थे। निजी बस बिना किसी अनुमति के किसी रूट पर वाहन नहीं चला सकते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने टैक्सी ऑपरेटरों से कहा कि अगर इस तरह कोई बस चालक कर रहा है तो इसकी जानकारी दें।