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Kangra News: आदेशों के 13 दिन बाद भी नहीं आए नेत्र रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट
Sun, 27 Sep 2026 06:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 27 Sep 2026 06:38 AM IST
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नेत्र और रेडियोलॉजी ओपीडी में एक-एक डॉक्टर के सहारे व्यवस्था, बढ़ रहा मरीजों का दबाव
धर्मशाला अस्पताल में दोनों विशेषज्ञों की ज्वाइनिंग पर संशय
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। सरकार की ओर से नेत्र रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के आदेश जारी होने के 13 दिन बाद भी दोनों डॉक्टरों ने अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया है। ऐसे में दोनों विशेषज्ञों की ज्वाइनिंग को लेकर संशय बना हुआ है। उधर, दोनों विभागों की ओपीडी में पहले से ही केवल एक-एक चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने 14 सितंबर को डॉक्टरों की नियुक्ति के ऑर्डर जारी किए थे, जिसमें से धर्मशाला अस्पताल को चार विशेषज्ञ मिले थे। इसके बाद दो विशेषज्ञों ने ज्वाइन कर लिया है, जिसमें इमरजेंसी मेडिसिन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हैं। मगर अभी भी दो चिकित्सकों ने ज्वाइन नहीं किया है।
आदेश जारी होने के बाद अस्पताल प्रशासन को उम्मीद थी कि जल्द ही दोनों डॉक्टर ज्वाइन कर लेंगे, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद अभी तक दोनों चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
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धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में वर्तमान में एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आंखों से संबंधित जांच और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में एक चिकित्सक पर ओपीडी के साथ अन्य विभागीय जिम्मेदारियों का भी दबाव रहता है। इसी तरह रेडियोलॉजी विभाग में भी एक ही चिकित्सक के सहारे काम चल रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों का दबाव बना रहता है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी का असर जांच व्यवस्था पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सबसे अधिक असर दूरदराज से उपचार के लिए धर्मशाला पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। कई मरीजों को ओपीडी में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ की कमी के कारण जांच व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
कोट्स...
- सरकार ने डॉक्टरों की नियुक्ति के ऑर्डर जारी कर दिए हैं, लेकिन दोनों विशेषज्ञ कब ज्वाइन करेंगे, उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अभी चार में केवल दो चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया है। - डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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धर्मशाला अस्पताल में दोनों विशेषज्ञों की ज्वाइनिंग पर संशय
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। सरकार की ओर से नेत्र रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के आदेश जारी होने के 13 दिन बाद भी दोनों डॉक्टरों ने अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया है। ऐसे में दोनों विशेषज्ञों की ज्वाइनिंग को लेकर संशय बना हुआ है। उधर, दोनों विभागों की ओपीडी में पहले से ही केवल एक-एक चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने 14 सितंबर को डॉक्टरों की नियुक्ति के ऑर्डर जारी किए थे, जिसमें से धर्मशाला अस्पताल को चार विशेषज्ञ मिले थे। इसके बाद दो विशेषज्ञों ने ज्वाइन कर लिया है, जिसमें इमरजेंसी मेडिसिन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हैं। मगर अभी भी दो चिकित्सकों ने ज्वाइन नहीं किया है।
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आदेश जारी होने के बाद अस्पताल प्रशासन को उम्मीद थी कि जल्द ही दोनों डॉक्टर ज्वाइन कर लेंगे, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद अभी तक दोनों चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
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धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में वर्तमान में एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आंखों से संबंधित जांच और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में एक चिकित्सक पर ओपीडी के साथ अन्य विभागीय जिम्मेदारियों का भी दबाव रहता है। इसी तरह रेडियोलॉजी विभाग में भी एक ही चिकित्सक के सहारे काम चल रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों का दबाव बना रहता है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी का असर जांच व्यवस्था पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का सबसे अधिक असर दूरदराज से उपचार के लिए धर्मशाला पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। कई मरीजों को ओपीडी में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, रेडियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ की कमी के कारण जांच व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
कोट्स...
- सरकार ने डॉक्टरों की नियुक्ति के ऑर्डर जारी कर दिए हैं, लेकिन दोनों विशेषज्ञ कब ज्वाइन करेंगे, उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अभी चार में केवल दो चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया है। - डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला