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Kangra News: ओबीसी संघर्ष समिति का तीन दिसंबर को जोरावर स्टेडियम में होगा प्रदर्शन
Sun, 30 Nov 2025 07:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 30 Nov 2025 07:19 AM IST
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धर्मशाला। ओबीसी संघर्ष समिति के बैनर तले अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोग तीन दिसंबर को जोरावर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन से पहले समुदाय के लोग सुबह 11 बजे सिद्धबाड़ी से एक रैली निकालकर जोरावर स्टेडियम तक पहुंचेंगे। समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने कहा कि वे बड़ा प्रदर्शन और घेराव कर सकते हैं, लेकिन विधानसभा का माहौल बिगाड़ने का कोई इरादा नहीं है।
धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में सौरभ कौंडल ने कहा कि 20 सितंबर को कांगड़ा से धर्मशाला तक सामाजिक न्याय यात्रा के जरिये ओबीसी समुदाय अपनी ताकत दिखा चुका है। अब विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश सरकार को ओबीसी के मुद्दों की याद दिलाई जाएगी। जिले के 15 में से 13 विधानसभा क्षेत्र ओबीसी बाहुल्य हैं, लेकिन किसी भी विधायक ने ओबीसी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया नहीं।
उन्होंने कहा कि सदन में दोनों पक्षों को आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय जनता की मांगों पर चर्चा कर हल निकालना चाहिए, न कि सदन की गरिमा को कमजोर करना। सौरभ कौंडल ने कहा कि न प्रदेश सरकार न विपक्ष ओबीसी की मांगों पर गंभीरता से चर्चा करना चाहता है। यदि जल्द इस पर फैसला नहीं हुआ तो भविष्य में सरकार का घेराव किया जाएगा। 2027 के चुनाव में दोनों पक्षों के लिए चुनौती खड़ी होगी। इस दौरान महासचिव राम लाल, उपाध्यक्ष रवि सैनी, विजय बाड़िया, सुरेश चौधरी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में सौरभ कौंडल ने कहा कि 20 सितंबर को कांगड़ा से धर्मशाला तक सामाजिक न्याय यात्रा के जरिये ओबीसी समुदाय अपनी ताकत दिखा चुका है। अब विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश सरकार को ओबीसी के मुद्दों की याद दिलाई जाएगी। जिले के 15 में से 13 विधानसभा क्षेत्र ओबीसी बाहुल्य हैं, लेकिन किसी भी विधायक ने ओबीसी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया नहीं।
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उन्होंने कहा कि सदन में दोनों पक्षों को आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय जनता की मांगों पर चर्चा कर हल निकालना चाहिए, न कि सदन की गरिमा को कमजोर करना। सौरभ कौंडल ने कहा कि न प्रदेश सरकार न विपक्ष ओबीसी की मांगों पर गंभीरता से चर्चा करना चाहता है। यदि जल्द इस पर फैसला नहीं हुआ तो भविष्य में सरकार का घेराव किया जाएगा। 2027 के चुनाव में दोनों पक्षों के लिए चुनौती खड़ी होगी। इस दौरान महासचिव राम लाल, उपाध्यक्ष रवि सैनी, विजय बाड़िया, सुरेश चौधरी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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