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घर बैठे मिलेगी जमीन पट्टे की जानकारी
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धर्मशाला में उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ई-पट्टा ऐप को लांच करते हुए।
- फोटो : Kangra
धर्मशाला। कांगड़ा जिलें में जमीन के पट्टे (लीज) से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी अब ऑनलाइन मिलेगी। इस सुविधा के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद (एनआईसी) के माध्यम से ई-पट्टा एप विकसित किया गया है। वीरवार को जिला उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने कांगड़ा जिले के लिए ई-पट्टा एप को लांच किया।
इस मौके पर उपायुक्त ने बताया कि ई-पट्टा एप पर सरकार की ओर से आवंटित जमीन के विभिन्न प्रकार के पट्टे की स्वीकृति के मामलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विस्तार, पर्यटन, जल विद्युत परियोजनाओं, शैक्षिक संस्थानों, पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों, भूमिहीनों को आवास निर्माण या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार पट्टे पर भूमि आवंटित करती है। उपायुक्त ने बताया कि इस एप की मदद से नागरिक भूमि के पट्टे के स्वीकृत विवरण, पट्टे की अवधि, पट्टे के भुगतान, पट्टे के लंबित भुगतान, अलग अलग सालों में तारीख वार स्वीकृत मामलों आदि का विवरण देख सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि नागरिकों, उद्योगपतियों और व्यावसायिक घरानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ई-पट्टा (लीज) एप जिला प्रशासन कांगड़ा का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस एप को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) जिला इकाई कांगड़ा के प्रयासों की सरहना की। इस अवसर पर जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी भूपेंद्र पाठक और अतिरिक्त सूचना-विज्ञान अधिकारी अक्षय मेहता भी उपस्थित रहे।
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इस मौके पर उपायुक्त ने बताया कि ई-पट्टा एप पर सरकार की ओर से आवंटित जमीन के विभिन्न प्रकार के पट्टे की स्वीकृति के मामलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में निजी निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विस्तार, पर्यटन, जल विद्युत परियोजनाओं, शैक्षिक संस्थानों, पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों, भूमिहीनों को आवास निर्माण या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार पट्टे पर भूमि आवंटित करती है। उपायुक्त ने बताया कि इस एप की मदद से नागरिक भूमि के पट्टे के स्वीकृत विवरण, पट्टे की अवधि, पट्टे के भुगतान, पट्टे के लंबित भुगतान, अलग अलग सालों में तारीख वार स्वीकृत मामलों आदि का विवरण देख सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है।
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उन्होंने बताया कि नागरिकों, उद्योगपतियों और व्यावसायिक घरानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ई-पट्टा (लीज) एप जिला प्रशासन कांगड़ा का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस एप को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) जिला इकाई कांगड़ा के प्रयासों की सरहना की। इस अवसर पर जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी भूपेंद्र पाठक और अतिरिक्त सूचना-विज्ञान अधिकारी अक्षय मेहता भी उपस्थित रहे।
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