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Kangra News: दोपहिया वाहनों में ऑटो-कट प्रणाली न लगाने पर सड़क परिवहन मंत्रालय और कंपनियों को भेजा नोटिस

Sat, 10 Oct 2026 02:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:16 AM IST
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Notice sent to the Ministry of Road Transport and companies for not installing auto-cut systems in two-wheelers.
धर्मशाला। मोड़ मुड़ने के बाद भी दोपहिया वाहन का इंडिकेटर जलता रहे और दूसरे वाहन चालक गलत दिशा में मुड़ने का अंदाजा लगा लें तो हादसे का खतरा कितना बढ़ सकता है। इसी सवाल को उठाते हुए धर्मशाला के अधिवक्ता विश्व चक्षु ने दोपहिया वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
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उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) सहित हीरो मोटोकॉर्प, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया, टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो लिमिटेड को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोपहिया वाहनों में टर्न इंडिकेटर के साथ श्रव्य बजर अलर्ट और ऑटो-कट यानी सेल्फ-कैंसलिंग प्रणाली की व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की गई है।
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अधिवक्ता का तर्क है कि चालक मोड़ लेने के बाद कई बार इंडिकेटर बंद करना भूल जाते हैं। ऐसे में लगातार जलता इंडिकेटर पीछे या सामने से आ रहे वाहन चालकों को भ्रमित कर सकता है। पहाड़ी सड़कों पर इस तरह की चूक दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है।
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अधिवक्ता ने नोटिस में सवाल उठाया है कि जब चौपहिया वाहनों में इंडिकेटर बंद होने की व्यवस्था उपलब्ध है, तो दोपहिया वाहनों में भी ऐसी सुरक्षा तकनीक क्यों नहीं अपनाई जा रही। उन्होंने बजर और ऑटो-कट प्रणाली की अनुमानित लागत 50 से 150 रुपये बताते हुए इसे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार इतनी कम लागत वाली तकनीक की अनदेखी वाहन चालकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
नोटिस के माध्यम से केंद्र सरकार से केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में आवश्यक संशोधन कर सभी दोपहिया वाहनों में 10 से 15 सेकंड का बजर अलर्ट और ऑटो-कट प्रणाली अनिवार्य करने की मांग की गई है। साथ ही पहले से सड़कों पर चल रहे दोपहिया वाहनों में भी यह सुविधा लगाने की संभावना पर विचार करने को कहा गया है।

अधिवक्ता ने नोटिस में 60 दिनों के भीतर अनुपालन की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश, धर्मशाला के समक्ष सिविल वाद, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका और उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर करने की चेतावनी दी है।
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