{"_id":"6aa3112e4d869124b601a7a7","slug":"more-than-half-of-the-teaching-and-non-teaching-posts-at-the-agricultural-university-are-vacant-kangra-news-r-399-1-sml1021-522957-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: कृषि विवि में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: कृषि विवि में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली
Fri, 11 Sep 2026 06:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 11 Sep 2026 06:59 AM IST
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर इन दिनों अपने सबसे गंभीर प्रशासनिक और शैक्षणिक संकट के दौर से गुजर रहा है।
देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट पहचान बना चुके प्रदेश के इस एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के आधे से अधिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
स्थिति यह हो गई है कि कई विभागों में पढ़ाने के लिए प्रोफेसर तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों की नियमित पढ़ाई, प्रयोगशाला कार्य और कृषि अनुसंधान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मियों का आंकड़ा तेजी से घट रहा है। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। विवि का संचालन नियमित कुलपति के बिना चल रहा है; पिछले तीन वर्षों से यहां स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
सूत्रों के मुताबिक, विवि की तंग वित्तीय स्थिति नई भर्तियों की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने सहायक प्राध्यापक सहित तकनीकी सहायक, फील्ड सहायक, वेटरनरी फार्मासिस्ट, क्लर्क और लैब असिस्टेंट जैसे तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे, लेकिन प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर सकी। स्थायी स्टाफ के अभाव में व्यवस्था गेस्ट फैकल्टी और मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त विभागों का भार डालकर ''''जुगाड़'''' के सहारे खींची जा रही है।
-- -- -- --
यह पद खाली
मंजूर पद मौजूद खाली
शिक्षक 383 188 195
गैर शिक्षक 1051 500 551
कृषि विश्वविद्यालय में जब रिक्त पद ही नहीं भरे जाएंगे, तो इसका सीधा असर संस्थान के तीन मुख्य स्तंभों—शिक्षा, शोध और प्रसार पर पड़ेगा। ऐसे हालात में विद्यार्थी बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा कैसे हासिल करेंगे? सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इन खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए। -प्रो. अशोक सरयाल, पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इस गंभीर मुद्दे को लेकर राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंप चुकी है। हमारी मांग है कि विवि के सभी खाली पदों को अविलंब भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य और पढ़ाई के साथ हो रहा खिलवाड़ बंद हो सके। -शैफाली ठाकुर, इकाई अध्यक्ष, एबीवीपी
विज्ञापन
देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट पहचान बना चुके प्रदेश के इस एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के आधे से अधिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
स्थिति यह हो गई है कि कई विभागों में पढ़ाने के लिए प्रोफेसर तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों की नियमित पढ़ाई, प्रयोगशाला कार्य और कृषि अनुसंधान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मियों का आंकड़ा तेजी से घट रहा है। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। विवि का संचालन नियमित कुलपति के बिना चल रहा है
सूत्रों के मुताबिक, विवि की तंग वित्तीय स्थिति नई भर्तियों की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने सहायक प्राध्यापक सहित तकनीकी सहायक, फील्ड सहायक, वेटरनरी फार्मासिस्ट, क्लर्क और लैब असिस्टेंट जैसे तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे, लेकिन प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर सकी। स्थायी स्टाफ के अभाव में व्यवस्था गेस्ट फैकल्टी और मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त विभागों का भार डालकर ''''जुगाड़'''' के सहारे खींची जा रही है।
यह पद खाली
मंजूर पद मौजूद खाली
शिक्षक 383 188 195
गैर शिक्षक 1051 500 551
कृषि विश्वविद्यालय में जब रिक्त पद ही नहीं भरे जाएंगे, तो इसका सीधा असर संस्थान के तीन मुख्य स्तंभों—शिक्षा, शोध और प्रसार पर पड़ेगा। ऐसे हालात में विद्यार्थी बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा कैसे हासिल करेंगे? सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इन खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए। -प्रो. अशोक सरयाल, पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इस गंभीर मुद्दे को लेकर राज्यपाल और प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंप चुकी है। हमारी मांग है कि विवि के सभी खाली पदों को अविलंब भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य और पढ़ाई के साथ हो रहा खिलवाड़ बंद हो सके। -शैफाली ठाकुर, इकाई अध्यक्ष, एबीवीपी