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मनरेगा में समय पर सीमेंट न आने से प्रभावित हो रहे काम
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धर्मशाला। मनरेगा के काम करने के लिए सीमेंट की काफी दिक्कत रहती है। समय पर सीमेंट न मिलने के कारण काम नहीं हो पाते हैं। इसलिए मनरेगा बजट का जल्दी से जल्दी प्रावधान किया जाए। यह समस्या विकास खंड धर्मशाला के प्रधान-उपप्रधान संगठन ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री और पंचायतीराज मंत्री को सौंपे मांगपत्र में उठाई।
इस दौरान संगठन ने पंचायतों को पेश आने वाली और भी कई समस्याएं रखीं। उन्होंने अपने मांगपत्र में कहा कि पंचायत का कोई भी प्रस्ताव जब किसी भी कार्यालय में जाता है तो उसका जवाब नहीं आता है। इससे पंचायतों में काफी मुश्किलें आ रही हैं तथा जवाब निर्धारण के लिए समय निहित किया जाए।
वहीं, पंचायतों में तीन महीने से मनरेगा का पैसा न आने के कारण लोगों को पेश आने वाली दिक्कतों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसके अलावा हर पंचायत में तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक और सचिवों की कमी से पंचायतों में काम नहीं चल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि इन मुश्किलों का हल निकाला जाए और पंचायतों में तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक और सचिवों की कमी को पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों को ठीक ढंग से चलाया जा सके। वहीं, ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि धर्मशाला ब्लॉक की कुछ पंचायतें टीसीपी के तहत आती हैं और इन पंचायतों में बिजली का कनेक्शन और मकान का नक्शा बनाने में बहुत मुश्किलें आती हैं। इसके चलते टीसीटी के दायरे से इन पंचायतों को बाहर निकाला जाए। प्रधान-उपप्रधान संगठन को पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने समस्याओं का जल्द हल करने का आश्वासन दिया है।
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इस दौरान संगठन ने पंचायतों को पेश आने वाली और भी कई समस्याएं रखीं। उन्होंने अपने मांगपत्र में कहा कि पंचायत का कोई भी प्रस्ताव जब किसी भी कार्यालय में जाता है तो उसका जवाब नहीं आता है। इससे पंचायतों में काफी मुश्किलें आ रही हैं तथा जवाब निर्धारण के लिए समय निहित किया जाए।
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वहीं, पंचायतों में तीन महीने से मनरेगा का पैसा न आने के कारण लोगों को पेश आने वाली दिक्कतों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसके अलावा हर पंचायत में तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक और सचिवों की कमी से पंचायतों में काम नहीं चल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि इन मुश्किलों का हल निकाला जाए और पंचायतों में तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक और सचिवों की कमी को पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों को ठीक ढंग से चलाया जा सके। वहीं, ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि धर्मशाला ब्लॉक की कुछ पंचायतें टीसीपी के तहत आती हैं और इन पंचायतों में बिजली का कनेक्शन और मकान का नक्शा बनाने में बहुत मुश्किलें आती हैं। इसके चलते टीसीटी के दायरे से इन पंचायतों को बाहर निकाला जाए। प्रधान-उपप्रधान संगठन को पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने समस्याओं का जल्द हल करने का आश्वासन दिया है।
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