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Kangra News: एक डॉक्टर के भरोसे मेडिसिन ओपीडी, मरीजों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में मेडिसिन विशेषज्ञों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में वर्तमान में केवल एक मेडिसिन विशेषज्ञ होने के कारण रोजाना ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है।
डॉक्टर से जांच करवाने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद भी कई मरीजों की जांच दोपहर तक नहीं हो पा रही है।
मेडिसिन ओपीडी में बीपी, शुगर, बुखार, सांस संबंधी परेशानी समेत अन्य सामान्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। एक ही विशेषज्ञ के जिम्मे पूरी ओपीडी होने से डॉक्टर पर मरीजों का दबाव बना रहता है।
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इसका असर मरीजों को मिलने वाले समय पर भी पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को लंबा इंतजार परेशानी में डाल रहा है।
मेडिसिन ओपीडी के बाहर सुबह से ही मरीजों की कतार लग जाती है। दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक बैठना पड़ता है।
नियमित रूप से ओपीडी में आने वाले बीपी और शुगर के मरीजों को दवा की समीक्षा, जांच रिपोर्ट दिखाने और चिकित्सकीय परामर्श के लिए बार-बार अस्पताल आना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
अस्पताल में एकमात्र मेडिसिन विशेषज्ञ होने से परेशानी हो रही है। विशेषज्ञ अकेले काफी काम कर रही हैं, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए एक और विशेषज्ञ की जरूरत है। इसके लिए सरकार को अवगत करवाया गया है। डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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डॉक्टर से जांच करवाने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद भी कई मरीजों की जांच दोपहर तक नहीं हो पा रही है।
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मेडिसिन ओपीडी में बीपी, शुगर, बुखार, सांस संबंधी परेशानी समेत अन्य सामान्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। एक ही विशेषज्ञ के जिम्मे पूरी ओपीडी होने से डॉक्टर पर मरीजों का दबाव बना रहता है।
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इसका असर मरीजों को मिलने वाले समय पर भी पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को लंबा इंतजार परेशानी में डाल रहा है।
मेडिसिन ओपीडी के बाहर सुबह से ही मरीजों की कतार लग जाती है। दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक बैठना पड़ता है।
नियमित रूप से ओपीडी में आने वाले बीपी और शुगर के मरीजों को दवा की समीक्षा, जांच रिपोर्ट दिखाने और चिकित्सकीय परामर्श के लिए बार-बार अस्पताल आना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
अस्पताल में एकमात्र मेडिसिन विशेषज्ञ होने से परेशानी हो रही है। विशेषज्ञ अकेले काफी काम कर रही हैं, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए एक और विशेषज्ञ की जरूरत है। इसके लिए सरकार को अवगत करवाया गया है। डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला