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Kangra News: सुबह लंबी कतारें, दोपहर में वोटरों की राह ताकती रहीं निगाहें
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धर्मशाला। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में वीरवार सुबह के समय जिले के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का उत्साह चरम पर दिखा। कहीं लंबी कतारें लगी थीं तो कहीं महिलाएं और बुजुर्ग जल्दी मतदान करने पहुंच गए लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मतदान केंद्रों की रौनक फीकी पड़ने लगी। गर्मी के बीच दोपहर बाद कई केंद्रों पर पोलिंग पार्टियां और समर्थक वोटरों की राह ताकते नजर आए।
ग्रामीण संसद चुनने के इस लोकतांत्रिक पर्व में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी भागीदारी निभाई। अमर उजाला टीम चैतडू, कंद्रेहड़ और शीला-भुटेहड़ पंचायतों में पहुंची। अलग-अलग पंचायतों में सुबह और दोपहर के समय मतदान का माहौल भी अलग नजर आया।
सुबह ही शीला-भुटेहड़ में उमड़ी भीड़
विकास खंड धर्मशाला के तहत आती ग्राम पंचायत शीला-भुटेहड़ के शीला स्थित मतदान केंद्र में सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं ने सुबह जल्दी मतदान करना बेहतर समझा। मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं और लोगों में अपने प्रतिनिधि चुनने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कई युवा मतदाता भी पहली बार मतदान करने पहुंचे। वहीं, दोपहर 2 बजे केंद्र का दोबारा दौरा करने करने वहां पर मतदाताओं की भीड़ नजर नहीं आई।
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चैतडू में दोपहर तक मतदान की रफ्तार कम
चैतडू पंचायत में सुबह के मुकाबले दोपहर साढ़े 12 बजे मतदान की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई। मतदान केंद्र के बाहर इक्का-दुक्का मतदाता ही पहुंच रहे थे। चुनावी माहौल में सुबह दिखाई देने वाली हलचल दोपहर तक काफी कम हो गई। कई पोलिंग एजेंट और समर्थक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं का इंतजार करते दिखाई दिए।
कंद्रेहड़ में दोपहर डेढ़ बजे कम ही दिखे मतदाता
कंद्रेहड़ पंचायत के मतदान केंद्र में दोपहर डेढ़ बजे लंच टाइम के दौरान मतदाताओं की भीड़ लगभग नदारद रही। मतदान कर्मी और सुरक्षा कर्मी अपने-अपने कार्य में जुटे रहे, जबकि मतदान केंद्र के बाहर सामान्य गतिविधियां ही देखने को मिलीं। हालांकि सुबह के समय यहां भी लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया था।
बुजुर्गों ने भी निभाई जिम्मेदारी
कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाता भी उत्साह के साथ मतदान करने पहुंचे। कुछ स्थानों पर परिजन बुजुर्गों को सहारा देकर मतदान केंद्र तक लाए। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
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ग्रामीण संसद चुनने के इस लोकतांत्रिक पर्व में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी भागीदारी निभाई। अमर उजाला टीम चैतडू, कंद्रेहड़ और शीला-भुटेहड़ पंचायतों में पहुंची। अलग-अलग पंचायतों में सुबह और दोपहर के समय मतदान का माहौल भी अलग नजर आया।
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सुबह ही शीला-भुटेहड़ में उमड़ी भीड़
विकास खंड धर्मशाला के तहत आती ग्राम पंचायत शीला-भुटेहड़ के शीला स्थित मतदान केंद्र में सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं ने सुबह जल्दी मतदान करना बेहतर समझा। मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं और लोगों में अपने प्रतिनिधि चुनने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कई युवा मतदाता भी पहली बार मतदान करने पहुंचे। वहीं, दोपहर 2 बजे केंद्र का दोबारा दौरा करने करने वहां पर मतदाताओं की भीड़ नजर नहीं आई।
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चैतडू में दोपहर तक मतदान की रफ्तार कम
चैतडू पंचायत में सुबह के मुकाबले दोपहर साढ़े 12 बजे मतदान की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई। मतदान केंद्र के बाहर इक्का-दुक्का मतदाता ही पहुंच रहे थे। चुनावी माहौल में सुबह दिखाई देने वाली हलचल दोपहर तक काफी कम हो गई। कई पोलिंग एजेंट और समर्थक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं का इंतजार करते दिखाई दिए।
कंद्रेहड़ में दोपहर डेढ़ बजे कम ही दिखे मतदाता
कंद्रेहड़ पंचायत के मतदान केंद्र में दोपहर डेढ़ बजे लंच टाइम के दौरान मतदाताओं की भीड़ लगभग नदारद रही। मतदान कर्मी और सुरक्षा कर्मी अपने-अपने कार्य में जुटे रहे, जबकि मतदान केंद्र के बाहर सामान्य गतिविधियां ही देखने को मिलीं। हालांकि सुबह के समय यहां भी लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया था।
बुजुर्गों ने भी निभाई जिम्मेदारी
कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाता भी उत्साह के साथ मतदान करने पहुंचे। कुछ स्थानों पर परिजन बुजुर्गों को सहारा देकर मतदान केंद्र तक लाए। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।