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Kangra News: लिदबड़ मेले को 15 दिन करने पर स्थानीय व्यापारी नाराज
Thu, 20 Mar 2025 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:51 AM IST
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टांडा (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां के ऐतिहासिक लिदबड़ मेले को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न लगाने शुरू कर दिए हैं।
मेले के इतिहास में पहली बार डोम लगाया जा रहा है। जिसे लेकर व्यापार मंडल नगरोटा बगवां और मेले में दशकों से दुकान लगाने वाले दुकानदार परेशान हैं। लोगों और स्थानीय व्यापारियों को कहना है कि नगरोटा बगवां में राज्य स्तरीय मेले में स्थानीय प्रशासन ने मेला ग्राउंड को निजी फर्म को दे दिया है जो वहां डोम लगा रही है।
इस कारण आसपास के छोटे व्यापारियों से बड़ी राशि की मांग की जा रही है, जो पिछले साल की तुलना में पांच गुणा ज्यादा है। दूसरी तरफ मेले को निर्धारित पांच दिन से 15 दिन के करने की घोषणा से व्यापारी परेशान हैं।
उधर, पूर्व विधायक अरुण मेहरा ने प्रशासन पर मेले को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा छोटे व्यापारी मेले में दुकान लगाने के इतनी बड़ी राशि नहीं दे सकते। प्रशासन ने मेले का निजीकरण कर दिया है। मेले को अपनी मर्जी से 15 दिन के करने की घोषणा की है, जो मेला न होकर निजी ट्रेड फेयर बन कर रह जाएगा।
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वहीं, व्यापार मंडल प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा प्रशासन ने व्यापार मंडल से बिना कोई चर्चा के मेले को पांच दिन बढ़ाकर 15 दिन कर दिया है, जो स्थानीय व्यापार के लिए हानिकारक है। एसडीएम को मेले को निर्धारित दिनों तक ही करने की अपील की है ।
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मेले के इतिहास में पहली बार डोम लगाया जा रहा है। जिसे लेकर व्यापार मंडल नगरोटा बगवां और मेले में दशकों से दुकान लगाने वाले दुकानदार परेशान हैं। लोगों और स्थानीय व्यापारियों को कहना है कि नगरोटा बगवां में राज्य स्तरीय मेले में स्थानीय प्रशासन ने मेला ग्राउंड को निजी फर्म को दे दिया है जो वहां डोम लगा रही है।
इस कारण आसपास के छोटे व्यापारियों से बड़ी राशि की मांग की जा रही है, जो पिछले साल की तुलना में पांच गुणा ज्यादा है। दूसरी तरफ मेले को निर्धारित पांच दिन से 15 दिन के करने की घोषणा से व्यापारी परेशान हैं।
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उधर, पूर्व विधायक अरुण मेहरा ने प्रशासन पर मेले को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा छोटे व्यापारी मेले में दुकान लगाने के इतनी बड़ी राशि नहीं दे सकते। प्रशासन ने मेले का निजीकरण कर दिया है। मेले को अपनी मर्जी से 15 दिन के करने की घोषणा की है, जो मेला न होकर निजी ट्रेड फेयर बन कर रह जाएगा।
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वहीं, व्यापार मंडल प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा प्रशासन ने व्यापार मंडल से बिना कोई चर्चा के मेले को पांच दिन बढ़ाकर 15 दिन कर दिया है, जो स्थानीय व्यापार के लिए हानिकारक है। एसडीएम को मेले को निर्धारित दिनों तक ही करने की अपील की है ।