{"_id":"6623b69e92347d0f630956c6","slug":"last-farewell-given-to-bsf-jawan-of-thera-kangra-news-c-95-1-ssml1022-132098-2024-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: सथेरा के बीएसएफ जवान को दी अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: सथेरा के बीएसएफ जवान को दी अंतिम विदाई
विज्ञापन
पार्थिव देह पहुंचते ही चीखपुकार से गूंज उठा गांव
हृदय गति रुकने से नागालैंड में हुई थी सुनील की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
राजा का तालाब (कांगड़ा)। उप तहसील राजा का तालाब की ग्राम पंचायत गोलवां के बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार की पार्थिव देह को लेकर बटालियन की टीम शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव सथेरा पहुंची। बीएसएफ की गाड़ी से पार्थिव देह को उतारते समय परिजनों की चीखों से पूरे गांव में मातम छा गया। पार्थिव देह को देख जवान के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इसी बीच रीति रिवाज की परंपरा का निर्वहन करते हुए पार्थिव देह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सथेरा के मोक्ष धाम में किया गया। उनके 10 वर्षीय बेटे आकर्ष ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी जबकि सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से मृत जवान को अंतिम विदाई दी। सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को लेकर आए सब इंस्पेक्टर टीसी वर्गिस ने बताया कि हेड कांस्टेबल सुनील पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और बीते दिन हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। सुनील के छोटे भाई का चार वर्ष पहले अचानक निधन हुआ था और लगभग एक साल पहले इनके पिता का भी निधन हो गया था। सुनील कुमार अपने पीछे पत्नी सुनीता, दो छोटे–छोटे बेटों व वृद्ध माता पवन कौर को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। दिवंगत हेड कांस्टेबल सुनील कुमार की पत्नी सुनीता कुमारी ने बताया कि एक दिन पहले ही उनके पति ने उन्हें फोन किया था और उनसे व बच्चों से बातचीत की थी। वहीं बच्चों का ख्याल रखने की बात कही थी। उनकी अंतिम यात्रा में गोलवां पंचायत प्रधान संजीव पप्पू, पूर्व प्रधान अनिल पप्पू, पुलिस चौकी रैहन के एएसआई सुनील कुमार और उनकी टीम सहति क्षेत्र के अन्य लोग भी शामिल रहे।
विज्ञापन
हृदय गति रुकने से नागालैंड में हुई थी सुनील की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
राजा का तालाब (कांगड़ा)। उप तहसील राजा का तालाब की ग्राम पंचायत गोलवां के बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार की पार्थिव देह को लेकर बटालियन की टीम शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव सथेरा पहुंची। बीएसएफ की गाड़ी से पार्थिव देह को उतारते समय परिजनों की चीखों से पूरे गांव में मातम छा गया। पार्थिव देह को देख जवान के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इसी बीच रीति रिवाज की परंपरा का निर्वहन करते हुए पार्थिव देह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सथेरा के मोक्ष धाम में किया गया। उनके 10 वर्षीय बेटे आकर्ष ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी जबकि सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से मृत जवान को अंतिम विदाई दी। सुनील कुमार के पार्थिव शरीर को लेकर आए सब इंस्पेक्टर टीसी वर्गिस ने बताया कि हेड कांस्टेबल सुनील पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और बीते दिन हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। सुनील के छोटे भाई का चार वर्ष पहले अचानक निधन हुआ था और लगभग एक साल पहले इनके पिता का भी निधन हो गया था। सुनील कुमार अपने पीछे पत्नी सुनीता, दो छोटे–छोटे बेटों व वृद्ध माता पवन कौर को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। दिवंगत हेड कांस्टेबल सुनील कुमार की पत्नी सुनीता कुमारी ने बताया कि एक दिन पहले ही उनके पति ने उन्हें फोन किया था और उनसे व बच्चों से बातचीत की थी। वहीं बच्चों का ख्याल रखने की बात कही थी। उनकी अंतिम यात्रा में गोलवां पंचायत प्रधान संजीव पप्पू, पूर्व प्रधान अनिल पप्पू, पुलिस चौकी रैहन के एएसआई सुनील कुमार और उनकी टीम सहति क्षेत्र के अन्य लोग भी शामिल रहे।