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Kangra News: बादामा दिए डालिए... पर नचाया जयसिंहपुर
Tue, 20 Oct 2026 02:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:01 AM IST
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जयसिंहपुर (कांगड़ा)। राज्यस्तरीय दशहरा उत्सव जयसिंहपुर की दूसरी सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी लोकसंगीत और बॉलीवुड के तरानों से सजी रही। हिमाचली लोकगायक संजीव दीक्षित ने ''चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे'' के साथ प्रस्तुति का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने ''बादामा दिए डालिए'', ''पक्की कनकां'' और ''आसा किसी जो मंदा नी बोलना'' जैसे गीतों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी गायकी में पहाड़ी संस्कृति और लोकसंगीत का खूबसूरत रंग नजर आया।इसके बाद मंच संभालने आए लोकगायक धीरज शर्मा ने ''कीजो केसरी के लाल, और ''जय सिया-राम'' भजनों के साथ शुरुआत की। उन्होंने आगे ''परलिया धारा हो'', ''इक पंछी कू-कू बोलदा'' और ''भला सिपहिया डोगरिया'' जैसे गीतों पर दर्शकों को खूब नचाया। इसके अलावा ''इस गराएं देया लंबरा हो'' तथा ''म्हारे देशा रा दिल ओ दिल्लीए, गाकर पहाड़ी जनजीवन और संस्कृति को मंच पर जीवंत किया।
गायक बंटी इंदौरिया ने ''तू मुंडू कांगड़े दा'', ''बसा विच सिर घुमदा'' और ''डायमंड दी झांझर'' गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं प्रसिद्ध लोकगायक सुनील मस्ती ने ''होके जुदा कब मैं जिया'', ''तू है कहां, मैं कहां'', ''रे माथे जो बिंदलु लाना गोरिये'', ''दिल पे जख्म खाते हैं'' और ''जे तू अखियां दे सामने नहीं रहना'' जैसे गीतों से दर्शकों को प्रभावित किया।
गायिका राखी गौतम ने ''सैयारा'' से शुरुआत करने के बाद ''कोई मिल गया'', ''दिल चोरी साडा हो गया'', ''कजरा मोहब्बत वाला'' और ''सात समंदर पार'' जैसे बॉलीवुड गीतों की झड़ी लगाई। इसके बाद गायक अरविंद राजपूत ने ''इक हसीना थी, इक दीवाना था'', ''तुझे कितना चाहने लगे हम'', ''सुबह होने न दें'', ''मैं जट्ट यमला पगला दीवाना'' और ''बचना ऐ हसीनो'' गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस दौरान पांडा कार्टून की वेशभूषा में पहुंचे कलाकार ने बच्चों का खूब मनोरंजन किया।
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गायक बंटी इंदौरिया ने ''तू मुंडू कांगड़े दा'', ''बसा विच सिर घुमदा'' और ''डायमंड दी झांझर'' गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं प्रसिद्ध लोकगायक सुनील मस्ती ने ''होके जुदा कब मैं जिया'', ''तू है कहां, मैं कहां'', ''रे माथे जो बिंदलु लाना गोरिये'', ''दिल पे जख्म खाते हैं'' और ''जे तू अखियां दे सामने नहीं रहना'' जैसे गीतों से दर्शकों को प्रभावित किया।
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गायिका राखी गौतम ने ''सैयारा'' से शुरुआत करने के बाद ''कोई मिल गया'', ''दिल चोरी साडा हो गया'', ''कजरा मोहब्बत वाला'' और ''सात समंदर पार'' जैसे बॉलीवुड गीतों की झड़ी लगाई। इसके बाद गायक अरविंद राजपूत ने ''इक हसीना थी, इक दीवाना था'', ''तुझे कितना चाहने लगे हम'', ''सुबह होने न दें'', ''मैं जट्ट यमला पगला दीवाना'' और ''बचना ऐ हसीनो'' गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस दौरान पांडा कार्टून की वेशभूषा में पहुंचे कलाकार ने बच्चों का खूब मनोरंजन किया।
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