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Kangra News: सीएम के दौरे से जसवां परागपुर को बड़ी सौगात की उम्मीद
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परागपुर (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर के डाडासीबा में 29 तारीख को मुख्यमंत्री सुक्खू के संभावित दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। खास बात यह है कि जसवां परागपुर क्षेत्र मुख्यमंत्री का ससुराल भी है, ऐसे में हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि वे इस बार अपने ससुराल के लिए विकास की कौन सी बड़ी सौगात लेकर आते हैं।
स्थानीय निवासी राजन और नीरज ने कहा कि परागपुर व गरली जैसे ऐतिहासिक धरोहर गांवों को पर्यटन के नाम पर पिछले 29 वर्ष से सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के अपने संकल्प के तहत इन धरोहर गांवों के लिए एक विशेष पर्यटन पैकेज का एलान कर सकते हैं।
वहीं, दिनेश और सुरिंद्र ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने 19 जनवरी 2024 को पीएचसी परागपुर के जर्जर भवन को नया स्वरूप देने की घोषणा की थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आज भी इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ बना हुआ है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री मंच से ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
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कमल और पंकज ने बताया कि पिछले 24 वर्ष से नगर और ग्राम नियोजन विभाग गरली परागपुर विशेष क्षेत्र की विकास योजना तैयार करने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री मंच से ही विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर सकते हैं। राजिंद्र, संजीव और पवन का कहना है कि परागपुर में बनने जा रहे एसडीएम कार्यालय और संयुक्त कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद प्रशासन की सुस्ती के चलते काम आगे नहीं बढ़ा है। क्षेत्र के लोगों को पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की क्लास लगाकर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश देंगे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से जसवां परागपुर के मुख्यालय परागपुर को क्या कुछ खास मिलता है।
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स्थानीय निवासी राजन और नीरज ने कहा कि परागपुर व गरली जैसे ऐतिहासिक धरोहर गांवों को पर्यटन के नाम पर पिछले 29 वर्ष से सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के अपने संकल्प के तहत इन धरोहर गांवों के लिए एक विशेष पर्यटन पैकेज का एलान कर सकते हैं।
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वहीं, दिनेश और सुरिंद्र ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने 19 जनवरी 2024 को पीएचसी परागपुर के जर्जर भवन को नया स्वरूप देने की घोषणा की थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आज भी इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ बना हुआ है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री मंच से ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
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कमल और पंकज ने बताया कि पिछले 24 वर्ष से नगर और ग्राम नियोजन विभाग गरली परागपुर विशेष क्षेत्र की विकास योजना तैयार करने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री मंच से ही विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर सकते हैं। राजिंद्र, संजीव और पवन का कहना है कि परागपुर में बनने जा रहे एसडीएम कार्यालय और संयुक्त कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद प्रशासन की सुस्ती के चलते काम आगे नहीं बढ़ा है। क्षेत्र के लोगों को पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की क्लास लगाकर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश देंगे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से जसवां परागपुर के मुख्यालय परागपुर को क्या कुछ खास मिलता है।