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Kangra News: एयरपोर्ट पर कारतूस के साथ पकड़े इस्राइली नागरिक को मिली जमानत
Wed, 23 Sep 2026 06:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 23 Sep 2026 06:54 AM IST
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धर्मशाला। कांगड़ा हवाई अड्डे (गगल) पर सामान की एक्स-रे जांच के दौरान कारतूस मिलने बाद पकड़े इस्राइली नागरिक लेवी योनातन को सत्र न्यायाधीश धर्मशाला अमन सूद की अदालत ने नियमित जमानत दे दी है। आरोपी के खिलाफ 15 सितंबर को पुलिस थाना गगल में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार एयरपोर्ट पर जांच के दौरान आरोपी के बैग से एक कारतूस बरामद हुआ था, जिसके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था। पुलिस ने उसका पासपोर्ट जब्त कर मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। पुलिस ने आरोपी के विदेशी नागरिक होने और जांच जारी रहने का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि कारतूस अनजाने में सामान में रह गया था। आरोपी इस्राइली सेना में सेवा दे चुका है और संभवतः वहां की मैगजीन के साथ यह कारतूस गलती से बैग में छूट गया था। बचाव पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के पास से कोई हथियार नहीं मिला है और पुलिस रिमांड की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
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अदालत ने कहा कि आरोपी से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और वह पुलिस हिरासत में पूछताछ से गुजर चुका है, इसलिए जांच लंबित रहने के दौरान उसे जेल में रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतने ही मूल्य के एक स्थानीय भारतीय जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, अपना स्थानीय पता व संपर्क विवरण पुलिस को देगा और सक्षम अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा।
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पुलिस के अनुसार एयरपोर्ट पर जांच के दौरान आरोपी के बैग से एक कारतूस बरामद हुआ था, जिसके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था। पुलिस ने उसका पासपोर्ट जब्त कर मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। पुलिस ने आरोपी के विदेशी नागरिक होने और जांच जारी रहने का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था।
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बचाव पक्ष ने दलील दी कि कारतूस अनजाने में सामान में रह गया था। आरोपी इस्राइली सेना में सेवा दे चुका है और संभवतः वहां की मैगजीन के साथ यह कारतूस गलती से बैग में छूट गया था। बचाव पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के पास से कोई हथियार नहीं मिला है और पुलिस रिमांड की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
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अदालत ने कहा कि आरोपी से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और वह पुलिस हिरासत में पूछताछ से गुजर चुका है, इसलिए जांच लंबित रहने के दौरान उसे जेल में रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतने ही मूल्य के एक स्थानीय भारतीय जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, अपना स्थानीय पता व संपर्क विवरण पुलिस को देगा और सक्षम अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा।