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Kangra News: बीमा कंपनी नौ फीसदी ब्याज के साथ उपभोक्ता को दे क्लेम राशि
Wed, 28 Feb 2024 02:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:18 AM IST
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धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को नौ फीसदी ब्याज के साथ एक लाख रुपये की राशि देने देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मुआवजे और न्यायालयी शुल्क के रूप में भी 30 हजार रुपये शिकायतकर्ता के पक्ष में देने को कहा है।
जानकारी के अनुसार आयोग के समक्ष विजय कुमार पटियाल निवासी भडि़याड़ा तहसील कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ पॉलिसी ली थी जिसका उन्होंने एकमुश्त 49,779 रुपये प्रीमियर का भुगतान किया और यह पॉलिसी पांच मई, 2021 से 4 मई, 2026 तक वैध थी। इसके बाद पॉलिसी धारक बीमार हो गया और कांगड़ा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान अस्पताल के बिल के भुगतान के लिए उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम को आवेदन किया, लेकिन कुछ कारण बता कर आवेदन को नामंजूर कर दिया।
इसके बाद बीमाधारक दोबारा से बीमार हुआ और मोहाली स्थित अस्पताल में 10 मार्च, 2023 से 14 मार्च, 2023 तक उपचाराधीन रहा। इस दौरान अस्पताल में उपचार का खर्चे का बिल 1,01,019 रुपये आया, जिसके लिए इंश्योरेंस कंपनी से 90 हजार रुपये को लेकर क्लेम के लिए आवेदन किया। इस दौरान भी बीमा कंपनी ने कुछ कारण बताते हुए इसे नामंजूर कर दिया। आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता आयोग ने शिकायत काे मंजूर करते हुए पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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जानकारी के अनुसार आयोग के समक्ष विजय कुमार पटियाल निवासी भडि़याड़ा तहसील कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ पॉलिसी ली थी जिसका उन्होंने एकमुश्त 49,779 रुपये प्रीमियर का भुगतान किया और यह पॉलिसी पांच मई, 2021 से 4 मई, 2026 तक वैध थी। इसके बाद पॉलिसी धारक बीमार हो गया और कांगड़ा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान अस्पताल के बिल के भुगतान के लिए उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम को आवेदन किया, लेकिन कुछ कारण बता कर आवेदन को नामंजूर कर दिया।
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इसके बाद बीमाधारक दोबारा से बीमार हुआ और मोहाली स्थित अस्पताल में 10 मार्च, 2023 से 14 मार्च, 2023 तक उपचाराधीन रहा। इस दौरान अस्पताल में उपचार का खर्चे का बिल 1,01,019 रुपये आया, जिसके लिए इंश्योरेंस कंपनी से 90 हजार रुपये को लेकर क्लेम के लिए आवेदन किया। इस दौरान भी बीमा कंपनी ने कुछ कारण बताते हुए इसे नामंजूर कर दिया। आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता आयोग ने शिकायत काे मंजूर करते हुए पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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