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मंत्री के निर्देश पर कृषि विभाग और हिमफेड की टीमों ने इंदौरा में किया निरीक्षण
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धर्मशाला/इंदौरा (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा के इंदौरा उपमंडल में खाद की कालाबाजारी की खबर छपते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। सोमवार को विभाग ने जांच के दौरान पांच खाद विक्रेताओं के लाइसेंस कब्जे में ले लिए हैं। इसके अलावा इनके रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है।
शिमला से कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर के निर्देश जारी होते ही सोमवार सुबह ही कृषि विभाग और हिमफेड की टीमें निरीक्षण के लिए इंदौरा की भोग्रवां पंचायत में पहुंच गईं। टीमों ने संदेह के दायरे में आए तीन खाद विक्रेताओं के रिकॉर्ड की जांच की। कृषि विभाग की टीम में एडीओ इंदौरा व उनका स्टाफ मौजूद रहा। वहीं, हिमफेड की टीम में राजा का बाग हिमफेड स्टोर के मार्केटिंग असिस्टेंट प्रदीप शर्मा और उनके सहकर्मी मौजूद रहे।
प्रदीप शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आ रही है कि खाद पंजाब से लाकर बेची जा रही है। हालांकि टीम अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है। जांच के दौरान मिली जानकारी कृषि विभाग को दे दी गई है, क्योंकि खाद बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने की अथॉरिटी कृषि विभाग के पास ही है। इस संदर्भ में कृषि विभाग जिला कांगड़ा के उपनिदेशक डॉ. जीत सिंह ने बताया कि सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने इंदौरा का दौरा किया। इस मामले में कृषि विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि इंदौरा उपमंडल में सरकार की ओर से निर्धारित 1200 रुपये प्रति बोरी के ब्लैक में 1600 रुपये में बेचने का मामला सामने आया था। खबर छपने के बाद ऐसे ही चार और दुकानदार भी संदेह के दायरे में आ गए हैं।
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शिमला से कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर के निर्देश जारी होते ही सोमवार सुबह ही कृषि विभाग और हिमफेड की टीमें निरीक्षण के लिए इंदौरा की भोग्रवां पंचायत में पहुंच गईं। टीमों ने संदेह के दायरे में आए तीन खाद विक्रेताओं के रिकॉर्ड की जांच की। कृषि विभाग की टीम में एडीओ इंदौरा व उनका स्टाफ मौजूद रहा। वहीं, हिमफेड की टीम में राजा का बाग हिमफेड स्टोर के मार्केटिंग असिस्टेंट प्रदीप शर्मा और उनके सहकर्मी मौजूद रहे।
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प्रदीप शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आ रही है कि खाद पंजाब से लाकर बेची जा रही है। हालांकि टीम अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है। जांच के दौरान मिली जानकारी कृषि विभाग को दे दी गई है, क्योंकि खाद बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने की अथॉरिटी कृषि विभाग के पास ही है। इस संदर्भ में कृषि विभाग जिला कांगड़ा के उपनिदेशक डॉ. जीत सिंह ने बताया कि सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने इंदौरा का दौरा किया। इस मामले में कृषि विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि इंदौरा उपमंडल में सरकार की ओर से निर्धारित 1200 रुपये प्रति बोरी के ब्लैक में 1600 रुपये में बेचने का मामला सामने आया था। खबर छपने के बाद ऐसे ही चार और दुकानदार भी संदेह के दायरे में आ गए हैं।
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