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Kangra News: 15 दिनों में समस्या का हल नहीं हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे ग्रामीण
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एसडीएम ज्वालामुखी को ज्ञापन सौंपने जाती बीडीसी व महिलाएं।
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत अधवानी की महिलाओं ने शुक्रवार को आरती राणा बीडीसी अधवानी की अध्यक्षता में उपमंडलाधिकारी ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा को क्षेत्र के बेसहारा पशुओं की समस्या के निदान के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिनों के अंदर समस्या का निदान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे। बीडीसी आरती राणा और महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। किसान खेती-बाड़ी करना छोड़ रहे हैं। पशुओं का शिकार अब आम लोग भी बन रहे हैं। महिलाओं ने अवगत करवाया कि आवारा पशुओं के हिंसक होने कारण उनकी ग्राम पंचायत अधवानी में गत दिनों एक वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु हो गई है और उनको बचाते हुए पड़ोसी भी घायल हुए।
प्रशासन द्वारा पड़ोसी भगवान दास को कोई भी वित्तीय सहायता नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि पूरी अधवानी पंचायत के निवासी इस घटना से बहुत दुखी हैं और डरे हुए भी हैं और चितिंत हैं क्योंकि इस क्षेत्र में अभी भी बहुत सारे आवारा पशु हैं। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं।एक सप्ताह बीत जाने पर भी गांव में दहशत का माहौल है, जबकि प्रशासन ने लावारिस पशुओं का कोई भी समाधान नहीं किया है। ग्राम पंचायत अधवानी की महिलाओं ने कहा है कि अगर 15 दिन के अंदर-अंदर आवारा पशुओं से छुटकारा नहीं दिलाया गया तो गांववासियों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
ग्रामीण सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील कि है कि आवारा पशुओं से निजात दिलवाएं और इस समस्या का पक्का समाधान शीघ्र अति शीघ्र करें, ताकि भविष्य में आवारा पशुओं की बजह से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न हो।
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प्रशासन द्वारा पड़ोसी भगवान दास को कोई भी वित्तीय सहायता नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि पूरी अधवानी पंचायत के निवासी इस घटना से बहुत दुखी हैं और डरे हुए भी हैं और चितिंत हैं क्योंकि इस क्षेत्र में अभी भी बहुत सारे आवारा पशु हैं। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं।एक सप्ताह बीत जाने पर भी गांव में दहशत का माहौल है, जबकि प्रशासन ने लावारिस पशुओं का कोई भी समाधान नहीं किया है। ग्राम पंचायत अधवानी की महिलाओं ने कहा है कि अगर 15 दिन के अंदर-अंदर आवारा पशुओं से छुटकारा नहीं दिलाया गया तो गांववासियों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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ग्रामीण सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील कि है कि आवारा पशुओं से निजात दिलवाएं और इस समस्या का पक्का समाधान शीघ्र अति शीघ्र करें, ताकि भविष्य में आवारा पशुओं की बजह से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न हो।
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