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मोबाइल-इंटरनेट सुविधा नहीं मिली तो 15 से ऑनलाइन काम बंद : भाटिया
Thu, 08 May 2025 01:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 08 May 2025 01:04 AM IST
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धर्मशाला। प्रदेश के शिक्षकों को मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई तो 15 मई से निजी मोबाइलों से ऑनलाइन काम कर रहे शिक्षक ऑनलाइन कार्य करना बंद कर देंगे। यह बात जिला कांगड़ा राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल भाटिया ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कार्य बंद होने के बाद इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से विभाग की होगी। सोमवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ कांगड़ा इकाई के 23 विकास खंडों के पदाधिकारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर जिला उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मांग रखी है कि सरकार की ओर से निलंबित किए शिक्षकों को बहाल कर पुन नियुक्ति दी जाए।
अनिल भाटिया ने कहा कि प्रदेशभर के शिक्षक अपने निजी मोबाइलों से स्कूल का ऑनलाइन कार्य करते है, जिससे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके बाद अब शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि मोबाइल ओर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई तो शिक्षक किसी भी प्रकार का ऑनलाइन कार्य निजी मोबाइल से नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी ने बीते 26 अप्रैल को अपनी मांगों को लेकर एक दिन का सांकेतिक रोष प्रदर्शन किया था। इसके चलते सरकार की ओर से छुट्टी पर चल रहे संघ के पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है, साथ ही कई शिक्षकों का स्थानांतरण भी किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक है, परंतु सरकार और विभाग तानाशाही दिखाते हुए शिक्षकों पर कई तरह के अनावश्यक दबाव बना रही है और शिक्षकों को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
शिक्षकों ने मांग की है कि मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक और बीईईओ के रूप में होने वाली पदोन्नति किसी भी सूरत में रुकनी नहीं चाहिए। अंडर-12 खेल बहाल होने चाहिए। अनावश्यक रूप से स्कूलों का विलय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक पाठशाला में कम से कम दो अध्यापक होने चाहिए। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नर्सरी टीचर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। जब तक सरकार या विभाग की ओर से प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तब तक प्रदेश स्तर पर क्रमिक अनशन जारी रहेगा। साथ ही वर्तमान में विभाग की ओर से जारी आदेशों पर रोक लगनी चाहिए। इसके अतिरिक्त राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के निलंबन आदेशों को निरस्त करके उन्हें तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव संजय पीसी, जिला महासचिव कुलदीप पठानिया सहित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी और पीटीफ के विभिन्न खंडों के पदाधिकारियों सहित लगभग 80 शिक्षक मौजूद रहे।
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अनिल भाटिया ने कहा कि प्रदेशभर के शिक्षक अपने निजी मोबाइलों से स्कूल का ऑनलाइन कार्य करते है, जिससे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके बाद अब शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि मोबाइल ओर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई तो शिक्षक किसी भी प्रकार का ऑनलाइन कार्य निजी मोबाइल से नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी ने बीते 26 अप्रैल को अपनी मांगों को लेकर एक दिन का सांकेतिक रोष प्रदर्शन किया था। इसके चलते सरकार की ओर से छुट्टी पर चल रहे संघ के पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है, साथ ही कई शिक्षकों का स्थानांतरण भी किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक है, परंतु सरकार और विभाग तानाशाही दिखाते हुए शिक्षकों पर कई तरह के अनावश्यक दबाव बना रही है और शिक्षकों को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
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शिक्षकों ने मांग की है कि मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक और बीईईओ के रूप में होने वाली पदोन्नति किसी भी सूरत में रुकनी नहीं चाहिए। अंडर-12 खेल बहाल होने चाहिए। अनावश्यक रूप से स्कूलों का विलय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक पाठशाला में कम से कम दो अध्यापक होने चाहिए। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए नर्सरी टीचर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। जब तक सरकार या विभाग की ओर से प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तब तक प्रदेश स्तर पर क्रमिक अनशन जारी रहेगा। साथ ही वर्तमान में विभाग की ओर से जारी आदेशों पर रोक लगनी चाहिए। इसके अतिरिक्त राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के निलंबन आदेशों को निरस्त करके उन्हें तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव संजय पीसी, जिला महासचिव कुलदीप पठानिया सहित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी और पीटीफ के विभिन्न खंडों के पदाधिकारियों सहित लगभग 80 शिक्षक मौजूद रहे।
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