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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   "I will get married only after fulfilling my responsibility towards my mother..." Major Sudhir returned wrapped in the Tricolour.

Kangra News: मां जिम्मेदारी पूरी कर ही करूंगा शादी...तिरंगे में लौटे थे मेजर सुधीर

Sat, 29 Aug 2026 11:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sat, 29 Aug 2026 11:28 AM IST
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"I will get married only after fulfilling my responsibility towards my mother..." Major Sudhir returned wrapped in the Tricolour.
पालमपुर (कांगड़ा)। मां, मैं परिवार की हर जिम्मेदारी पूरी कर लूं, तभी शादी करूंगा। बहन की शादी कर परिवार की हर जिम्मेदारी पूरी करने के बाद ही अपने विवाह का फैसला लूंगा। यह भावुक शब्द देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी मेजर सुधीर वालिया ने बलिदान से पहले अपनी माता से कहे थे।
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आज उनके परिवार की हर जिम्मेदारी तो पूरी हो चुकी है, लेकिन मेजर सुधीर का शादी करने और सिर पर सेहरा बांधने का फैसला हमेशा के लिए अधूरा रह गया। जब मेजर सुधीर वालिया का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा था, तो परिवार के हर सदस्य के दिल में उनके कहे यह शब्द गूंज रहे थे और पूरा माहौल गमगीन हो गया था।
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मेजर सुधीर वालिया 29 अगस्त 1999 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा स्थित फुर्दा के जंगल में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। शनिवार को पालमपुर में उनका बलिदान दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। मेजर सुधीर वालिया कारगिल युद्ध के मोर्चे से वापस लौटे ही थे कि उन्हें कुपवाड़ा के घने जंगलों में उग्रवादियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली।
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इस पर उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना स्वयं अपने साथियों के साथ वहां ऑपरेशन का नेतृत्व करने की बात कही। इसके बाद जंगल में छिपे करीब 20 उग्रवादियों से उनकी सीधी और भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में मेजर सुधीर वालिया ने अदम्य साहस दिखाते हुए नौ उग्रवादियों को मार गिराया।

गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपना मोर्चा नहीं छोड़ा और डटे रहे। इस दौरान उनके साथी उन्हें लगातार अस्पताल ले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन गंभीर रूप से घायल मेजर सुधीर वालिया ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हेलीकॉप्टर में ही अंतिम सांस ली। कैप्टन सौरभ कालिया और कैप्टन विक्रम बतरा के बाद पालमपुर का एक और सैन्य अधिकारी देश के नाम बलिदान होने से समूचे पालमपुर और प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई थी। पालमपुर में जिस स्थान पर बलिदानी मेजर सुधीर वालिया की प्रतिमा स्थापित की गई है, उस स्थल का नामकरण भी मेजर सुधीर वालिया के नाम पर किया गया है।
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