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Kangra News: हिमगंगा योजना से दूध उत्पादन को बढ़ावा, घरद्वार पर मिलेगी बिक्री की सुविधा

Sat, 25 Apr 2026 06:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sat, 25 Apr 2026 06:49 AM IST
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Himganga Yojana will boost milk production, doorstep sale facility will be available
308 सोसायटियां पंजीकृत, धर्मशाला जोन में सबसे अधिक 197
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तिलक राज
धर्मशाला। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सहकारिता विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसी दिशा में हिमगंगा योजना के तहत अब तक 308 दुग्ध सहकारी समितियों (मिल्क सोसायटियों) का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2027 तक इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए अधिक से अधिक पशुपालकों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। जोन वार आंकड़ों के अनुसार, धर्मशाला क्षेत्र में 197, हमीरपुर में 83, ऊना में 21 और चंबा में 7 मिल्क सोसायटियां पंजीकृत की गई हैं।

एक मिल्क सोसायटी में न्यूनतम 11 सदस्यों का होना अनिवार्य है, जबकि इच्छुक होने पर इससे अधिक लोग भी जुड़ सकते हैं। इसके लिए पशुपालक संबंधित क्षेत्र की दुग्ध सहकारी समिति या विभागीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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इस योजना के माध्यम से हजारों पशुपालकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मिल्क सोसायटियों के गठन से दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पाद के लिए बाजार तलाशने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब उन्हें घरद्वार पर ही दूध की बिक्री की सुविधा मिलेगी, जिससे समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी।
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हिमगंगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालकों की आय में वृद्धि का एक सशक्त माध्यम बन रही है।

बाक्स:
- अभी तक पंजीकृत सोसायटियां
पश्चिमी अनुभाग में अभी तक 308 सोसायटियों का पंजीकरण हो चुका है। इसमें चंबा में सात, हमीरपुर में 83, ऊना में 21, देहरा में 43, धर्मशाला में 64, नूरपुर में 19 और पालमपुर में 71 मिल्क साेसायटियाें का पंजीकरण हो चुका है। जो पशुपालक अभी तक किसी सोसायटी से नहीं जुड़े हैं, वे वर्ष 2027 तक पंजीकरण करवा सकते हैं।

कोट्स:
पश्चमी अनुभाग में मिल्क साेसायटियां बनाने का कार्य जोरों पर है। अब तक 308 साेसायटियों का पंजीकरण हो चुका है। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। मौजूदा समय में पशु पालकों से गाय का दूध 47 और भैंस का 51 रुपये विभाग की ओर से खरीदा जा रहा है। ढगवार मिल्क प्लांट का कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। - राकेश कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार, पश्चमी अनुभाग धर्मशाला
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