{"_id":"6ab9eda8df4990e3520122ad","slug":"himachal-panchayats-furniture-purchase-three-lakh-untied-grant-16th-finance-commission-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: प्रदेश की पंचायतें अब खरीद सकेंगी तीन लाख रुपये तक का फर्नीचर, अनटाइड ग्रांट से होगा भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: प्रदेश की पंचायतें अब खरीद सकेंगी तीन लाख रुपये तक का फर्नीचर, अनटाइड ग्रांट से होगा भुगतान
Mon, 28 Sep 2026 10:01 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरागोपीपुर (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरागोपीपुर (कांगड़ा)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 28 Sep 2026 10:01 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायतों को कार्यालय सुविधाओं के लिए बड़ी राहत मिली है। पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनटाइड ग्रांट से अधिकतम 3 लाख रुपये तक का कार्यालय फर्नीचर खरीदने की अनुमति दे दी है। विभाग ने सभी जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश की ग्राम पंचायतें अब 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली अनटाइड ग्रांट (मूल अनुदान राशि) से अधिकतम तीन लाख रुपये तक का कार्यालय फर्नीचर खरीद सकेंगी। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में औपचारिक स्वीकृति जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, ग्राम पंचायतों के कार्यालय उपयोग के लिए आवश्यक फर्नीचर की खरीद अब अनटाइड ग्रांट के बजट से संभव होगी। हालांकि, खरीद के लिए अधिकतम सीमा तीन लाख रुपये तय की गई है। इस निर्णय से पंचायत भवनों में जरूरी बुनियादी ढांचा और कार्यालय सुविधाएं जुटाने की राह आसान होगी। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फर्नीचर खरीद की पूरी प्रक्रिया निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत ही पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
इसके लिए पंचायतों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 2002 में तय प्रावधानों, शर्तों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। खरीद में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनदेखी या औपचारिकता में लापरवाही मान्य नहीं होगी। जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा सचिन ठाकुर ने निदेशालय की ओर से जारी इन दिशा-निर्देशों की पुष्टि की है।
विज्ञापन