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Kangra News: छुट्टी लेकर घर आने का किया था वादा... कफन में लिपटे आए पापा
Tue, 22 Apr 2025 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:49 AM IST
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लंबागांव खण्ड़ की अपर ठेहडू पंचायत के चंद्रोण गांव का मृतक बंटू
लंबागांव (कांगड़ा)। जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता... यह बात तब और भी सच लगती है जब किसी परिवार की खुशियां एक पल में मातम में बदल जाएं। लंबागांव की अपर ठेहड़ू पंचायत के गांव चंद्रोण निवासी 42 वर्षीय बंटू ने अपनी बेटी साक्षी से गत शनिवार को वादा किया था कि वह रविवार को घर लौटेगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रविवार रात उसका शव कफन में लिपटा घर पहुंचा।
बंटू सांबा के औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत था और अपने दोस्तों के साथ चंबा में एक विवाह समारोह में शामिल होने गया था। लौटते वक्त रविवार शाम को उनकी कार जम्मू के सांबा जिले के बूचरी क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े एक गैस टैंकर से जा टकराई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बंटू समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। सोमवार को बंटू का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रोपड़ी के श्मशानघाट में किया गया।
समाज की परंपराओं से इतर मुखाग्नि उनकी 14 वर्षीय बेटी साक्षी ने दी। यह दृश्य हर आंख को नम कर गया। पिता के निधन के बाद साक्षी ने जिस हिम्मत से यह जिम्मेदारी निभाई, वह पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।बंटू के पिता सेना से सेवानिवृत्त थे, जिनका निधन 20 वर्ष पूर्व हो गया था। संवाद
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बंटू सांबा के औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत था और अपने दोस्तों के साथ चंबा में एक विवाह समारोह में शामिल होने गया था। लौटते वक्त रविवार शाम को उनकी कार जम्मू के सांबा जिले के बूचरी क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े एक गैस टैंकर से जा टकराई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बंटू समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। सोमवार को बंटू का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रोपड़ी के श्मशानघाट में किया गया।
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समाज की परंपराओं से इतर मुखाग्नि उनकी 14 वर्षीय बेटी साक्षी ने दी। यह दृश्य हर आंख को नम कर गया। पिता के निधन के बाद साक्षी ने जिस हिम्मत से यह जिम्मेदारी निभाई, वह पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।बंटू के पिता सेना से सेवानिवृत्त थे, जिनका निधन 20 वर्ष पूर्व हो गया था। संवाद
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