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Kangra News: योल के हर्षवर्धन, बही के आर्यन बने सब-लेफ्टिनेंट
Thu, 04 Dec 2025 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 04 Dec 2025 07:49 AM IST
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सब-लेफ्टिनेंट हर्षवर्धन गुलेरिया अपने परिजनों के साथ। -स्रोत : परिजन
धर्मशाला/देहरागोपीपुर। धर्मशाला के योल निवासी हर्षवर्धन गुलेरिया और डाडासीबा के बही गांव निवासी आर्यन सिंह सपेहिया ने भारतीय नौसेना अकादमी से सब-लेफ्टिनेंट की उपाधि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। हर्षवर्धन गुलेरिया का परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है।
उनके परदादा मेजर प्रकाश चंद गुलेरिया और दादा करनल भाग सिंह गुलेरिया भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। हर्षवर्धन ने अपनी स्कूली शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धपुर और केंद्रीय विद्यालय पुणे से पूरी की, जबकि बीटेक की डिग्री कंप्यूटर साइंस में सिंबायोसिस पुणे से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही देश सेवा का जज्बा उनके अंदर था और दादा तथा परदादा उनके प्रेरणा स्रोत रहे।
वहीं, आर्यन सिंह सपेहिया का चयन सीडीएस के माध्यम से हुआ और उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला, केरल से प्रशिक्षण पूरा किया। 29 नवंबर को वे सब-लेफ्टिनेंट के रूप में नौसेना में शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान आर्यन ने बास्केटबाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इंटर अकादमी बख्शी कप में स्वर्ण पदक भी जीता। आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता मधु ठाकुर को दिया, जिन्होंने उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचने में लगातार मार्गदर्शन किया।
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उनके परदादा मेजर प्रकाश चंद गुलेरिया और दादा करनल भाग सिंह गुलेरिया भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। हर्षवर्धन ने अपनी स्कूली शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धपुर और केंद्रीय विद्यालय पुणे से पूरी की, जबकि बीटेक की डिग्री कंप्यूटर साइंस में सिंबायोसिस पुणे से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही देश सेवा का जज्बा उनके अंदर था और दादा तथा परदादा उनके प्रेरणा स्रोत रहे।
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वहीं, आर्यन सिंह सपेहिया का चयन सीडीएस के माध्यम से हुआ और उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला, केरल से प्रशिक्षण पूरा किया। 29 नवंबर को वे सब-लेफ्टिनेंट के रूप में नौसेना में शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान आर्यन ने बास्केटबाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इंटर अकादमी बख्शी कप में स्वर्ण पदक भी जीता। आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता मधु ठाकुर को दिया, जिन्होंने उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचने में लगातार मार्गदर्शन किया।

सब-लेफ्टिनेंट हर्षवर्धन गुलेरिया अपने परिजनों के साथ। -स्रोत : परिजन
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