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Kangra News: भूखे पेट करना पड़ा लंबा इंतजार, बुखार से तपते रोते रहे बच्चे
Fri, 01 Mar 2024 01:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 01 Mar 2024 01:26 AM IST
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में बुखार में तपते बच्चों के साथ माताओं ने चिकित्सकों का लंबा इंतजार किया, जिससे माताएं परेशान हुईं। इस दौरान बुखार से ग्रस्त कुछ बच्चे रोते भी दिखे। वीरवार को डॉक्टरों की पेनडाउन हड़ताल के दसवें दिन सुबह से ही लोगों ने इंतजार किया। इस बीच कई बुजुर्ग मरीजों ने भूखे पेट डॉक्टरों का लंबा इंतजार किया। लोगों कि रोजाना सुबह 9:30 से 12 बजे हो रही हड़ताल के कारण मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान लगभग 800 तक ओपीडी पहुंच गई और अस्पताल में लंबी लाइनें लगीं रहीं।
चड़ी से रेनु देवी ने बताया कि उनका बच्चा रात भर से बुखार से परेशान था और अस्पताल में सुबह साढे़ 9 बजे से इंतजार करने के कारण उन्हें बीमार बच्चे के साथ काफी परेशानी हुई। उनका कहना है कि पहले हड़ताल कि जानकारी होती तो बह बच्चे को लेकर निजी अस्पताल चली जाती।
सकोह से उदम सिंह ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से अस्पताल में अपने हाथ की जांच करवाने पहुंचे थे परंतु हड़ताल के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
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बरवाला से निक्को देवी अपनी शुगर की जांच और दवाइयों के भूखे पेट अस्पताल पहुंची थी परंतु उन्हें काफी देर खाली पेट इंतजार करना पड़ा जो उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
श्यामनगर से रचना देवी ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से अपने दांत की दर्द के लिए अस्पताल पहुंची थी परंतु हड़ताल के कारण उन्हें दर्द में बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ा।
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चड़ी से रेनु देवी ने बताया कि उनका बच्चा रात भर से बुखार से परेशान था और अस्पताल में सुबह साढे़ 9 बजे से इंतजार करने के कारण उन्हें बीमार बच्चे के साथ काफी परेशानी हुई। उनका कहना है कि पहले हड़ताल कि जानकारी होती तो बह बच्चे को लेकर निजी अस्पताल चली जाती।
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सकोह से उदम सिंह ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे से अस्पताल में अपने हाथ की जांच करवाने पहुंचे थे परंतु हड़ताल के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
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बरवाला से निक्को देवी अपनी शुगर की जांच और दवाइयों के भूखे पेट अस्पताल पहुंची थी परंतु उन्हें काफी देर खाली पेट इंतजार करना पड़ा जो उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
श्यामनगर से रचना देवी ने बताया कि वह सुबह 9 बजे से अपने दांत की दर्द के लिए अस्पताल पहुंची थी परंतु हड़ताल के कारण उन्हें दर्द में बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ा।