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Kangra News: कांगड़ा शहर में सड़क किनारे सजा रहता है सामान, डर के साये में गुजर रहे राहगीर
Mon, 23 Sep 2024 06:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 23 Sep 2024 06:18 AM IST
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कांगड़ा। तहसील चौक कांगड़ा से लेकर बस अड्डा और कॉलेज रोड पर राहगीर बीच सड़क पर चलने को मजबूर है। सुबह होते ही यहां सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ीधारक पहुंच जाते हैं और साथ ही वाहन पार्क हो जाते हैं। इसके साथ ही बेसहारा पशुओं से खुद को बचाने की चुनौती भी राहगीरों को मिल रही है। दिन भर शहर के मुख्य रोड पर चलना किसी खतरे से कम नहीं। इसकी वजह अतिक्रमण है।
कुछ लोगों ने सड़कों के दोनों किनारों को जकड़ रखा है और राहगीर सड़क पर कतराते हुए गुजर रहे हैं। जहां फुटपाथ हैं, वहां सब्जी और फल सजा रखे हैं। हालांकि कितने रेहड़ी-फड़ी वालों का नगर परिषद के पंजीकरण हैं और कितने बिना पंजीकरण के बैठे हैं, इसे लेकर नगर परिषद भी डाटा इकट्ठा करने जा रही है। कॉलेज रोड पर रोजाना दोपहिया वाहनों की कतारें सड़क किनारे लग जाती हैं। बस अड्डे की तरफ पैदल अपनी पोती के साथ गुजर रही महिला राहगीर सुमंगला ने रविवार को यहां तक कह दिया कि इस रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं। कोई वाहन पीछे से टक्कर न मार दे उन्हें इसकी चिंता सताती रहती है।
- कांगड़ा में अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद समय-समय पर अभियान चलाती रहती है। साथ ही कितने लोग स्थानीय हैं और कितने बाहर के इसकी रिपोर्ट तैयार करने शुरू कर दी है। अतिक्रमण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई अमल लाई जाएगी।
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रेणू शर्मा, अध्यक्ष, नगर परिषद कांगड़ा
- स्थानीय निवासी मनुज त्रेहन ने बताया कि शहर में राहगीरों के लिए चलना मुश्किल हो गया है। ऊपर से सड़क पर बेसहारा पशुओं की आवाजाही से आम आदमी रोजाना परेशान हो रहा है। प्रशासन को इस बारे में कदम उठाने चाहिए।
- अधिवक्ता नीरज चंदेल का कहना है कि सड़क के दोनों ओर राहगीरों के चलने के लिए सेफ रास्ता होना चाहिए। लोगों की आवाजाही सुविधाजनक होनी चाहिए। अतिक्रमण करने वाले के चालान काटे जाने चाहिए।
- दौलतपुर निवासी तिलक राज ने कहा कि कांगड़ा बाजार आते ही सबसे बड़ी मुश्किल वाहन खड़ा करने की है। वहीं, तहसील चौक से बस अड्डे तक पैदल गुजरना सुरक्षित महसूस नहीं होता। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- स्थानीय निवासी आशीष वर्मा ने बताया कि कांगड़ा शहर में लोग भयभीत होकर न चलें, इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अब समय की मांग है कि कांगड़ा बाजार में फुटपाथ बनने चाहिए, ताकि दुर्घटना का अंदेशा न बना रहे।
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कुछ लोगों ने सड़कों के दोनों किनारों को जकड़ रखा है और राहगीर सड़क पर कतराते हुए गुजर रहे हैं। जहां फुटपाथ हैं, वहां सब्जी और फल सजा रखे हैं। हालांकि कितने रेहड़ी-फड़ी वालों का नगर परिषद के पंजीकरण हैं और कितने बिना पंजीकरण के बैठे हैं, इसे लेकर नगर परिषद भी डाटा इकट्ठा करने जा रही है। कॉलेज रोड पर रोजाना दोपहिया वाहनों की कतारें सड़क किनारे लग जाती हैं। बस अड्डे की तरफ पैदल अपनी पोती के साथ गुजर रही महिला राहगीर सुमंगला ने रविवार को यहां तक कह दिया कि इस रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं। कोई वाहन पीछे से टक्कर न मार दे उन्हें इसकी चिंता सताती रहती है।
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- कांगड़ा में अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद समय-समय पर अभियान चलाती रहती है। साथ ही कितने लोग स्थानीय हैं और कितने बाहर के इसकी रिपोर्ट तैयार करने शुरू कर दी है। अतिक्रमण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई अमल लाई जाएगी।
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रेणू शर्मा, अध्यक्ष, नगर परिषद कांगड़ा
- स्थानीय निवासी मनुज त्रेहन ने बताया कि शहर में राहगीरों के लिए चलना मुश्किल हो गया है। ऊपर से सड़क पर बेसहारा पशुओं की आवाजाही से आम आदमी रोजाना परेशान हो रहा है। प्रशासन को इस बारे में कदम उठाने चाहिए।
- अधिवक्ता नीरज चंदेल का कहना है कि सड़क के दोनों ओर राहगीरों के चलने के लिए सेफ रास्ता होना चाहिए। लोगों की आवाजाही सुविधाजनक होनी चाहिए। अतिक्रमण करने वाले के चालान काटे जाने चाहिए।
- दौलतपुर निवासी तिलक राज ने कहा कि कांगड़ा बाजार आते ही सबसे बड़ी मुश्किल वाहन खड़ा करने की है। वहीं, तहसील चौक से बस अड्डे तक पैदल गुजरना सुरक्षित महसूस नहीं होता। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- स्थानीय निवासी आशीष वर्मा ने बताया कि कांगड़ा शहर में लोग भयभीत होकर न चलें, इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अब समय की मांग है कि कांगड़ा बाजार में फुटपाथ बनने चाहिए, ताकि दुर्घटना का अंदेशा न बना रहे।