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Kangra News: चौधरी हरिराम के नाम पर रखा जाए गगल हवाई अड्डा का नाम
Thu, 13 Mar 2025 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:27 AM IST
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कांगड़ा। गगल एयरपोर्ट का नाम पूर्व मंत्री, स्वतंत्रता सेनानी और गरीब पिछड़ों के मसीहा चौधरी हरिराम के नाम पर रखने की मांग उठी है। इस संबंध में चौधरी फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उड्डयन मंत्री को डाक के माध्यम से पत्र भेजकर अवगत करवाया है।
यह बात बुधवार को चौधरी फाउंडेशन के अध्यक्ष रोबिन कौंडल ने जारी प्रेस बयान में कही। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने पत्र में लिखा है कि गगल हवाई अड्डे का नाम चौधरी हरिराम के नाम पर रखा जाना चाहिए, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाजसेवा और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। चौधरी हरिराम एक वकील थे और उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था।
आजादी के बाद उन्होंने सामाजिक न्याय और पिछड़े और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। उन्होंने दलित और पिछड़े वर्गों के कानूनी अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान उन्होंने 1977 में आपातकाल में जेल भी काटी थी। गगल एयरपोर्ट बनने से सबसे ज्यादा विस्थापित चौधरी समाज व ओबीसी वर्ग हुआ है, इसलिए यह समाज चाहता है कि उनके योगदान को मान्यता दी जाए।
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चौधरी फाउंडेशन ने केंद्र व प्रदेश सरकार से इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और गगल हवाई अड्डे का नाम चौधरी हरि राम के नाम पर रखने का आग्रह किया है।
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यह बात बुधवार को चौधरी फाउंडेशन के अध्यक्ष रोबिन कौंडल ने जारी प्रेस बयान में कही। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने पत्र में लिखा है कि गगल हवाई अड्डे का नाम चौधरी हरिराम के नाम पर रखा जाना चाहिए, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाजसेवा और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। चौधरी हरिराम एक वकील थे और उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था।
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आजादी के बाद उन्होंने सामाजिक न्याय और पिछड़े और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया। उन्होंने दलित और पिछड़े वर्गों के कानूनी अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान उन्होंने 1977 में आपातकाल में जेल भी काटी थी। गगल एयरपोर्ट बनने से सबसे ज्यादा विस्थापित चौधरी समाज व ओबीसी वर्ग हुआ है, इसलिए यह समाज चाहता है कि उनके योगदान को मान्यता दी जाए।
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चौधरी फाउंडेशन ने केंद्र व प्रदेश सरकार से इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और गगल हवाई अड्डे का नाम चौधरी हरि राम के नाम पर रखने का आग्रह किया है।