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Kangra News: बीड़ बिलिंग की चार पंचायतें सरकार से मांगेंगी नगर पंचायत का दर्जा
Fri, 24 Jan 2025 01:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 24 Jan 2025 01:41 AM IST
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बैजनाथ (कांगड़ा)। बीड़ बिलिंग की बीड़, चौगान, क्योर और गुनेहड़ पंचायत के प्रतिनिधि और ग्रामीण सरकार से नगर पंचायत का दर्जा मांगेंगे। वर्तमान में इन पंचायतों की आबादी 20,000 के आसपास है और इनमें 5,000 के करीब तिब्बती समुदाय के लोग हैं।
वहीं, इन पंचायतों के एरिया में 200 से अधिक होटल, होम स्टे और गेस्ट हाउस मौजूद हैं और पैराग्लाइडिंग को लेकर आठ माह के सीजन के दौरान रोजाना 5,000 पर्यटक दस्तक देते हैं। इन पंचायतों में साडा और टीसीपी लागू है। पुलिस थाने के अतिरिक्त लोक निर्माणा विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय और एशिया का पहला पैराग्लाइडिंग स्कूल मौजूद है। लोगों ने कहा कि वे साडा और टीसीपी को लेकर सबसे अधिक परेशान हैं। इन दोनों सरकारी विभागों का कोई भी कार्यालय बीड़ में नहीं है और किसी भी छोटे-बड़े निर्माण कार्यों या बिजली-पानी का कनेक्शन लेने के लिए लोगों को पालमपुर तक 30 से 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऊपर से इन विभागों में पर्याप्त स्टाफ न होने पर एक छोटे से कार्य के लिए छह माह से अधिक का समय लगता है। अब सरकार की ओर से साडा और टीसीपी की फीस में 10 गुणा तक वृद्धि से आम आदमी और अधिक परेशान हो गया है।
बीड़ पंचायत के प्रधान सुरेश ठाकुर, क्योर पंचायत के प्रधान शिव, गुनेहड के उपप्रधान दुनी चंद और चौगान पंचायत के प्रधान नागेश का कहना है कि उनकी पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से साडा और टीसीपी की परेशानियों से लोगों को छुटकारा मिलेगा, सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होगा तथा सरकारी कार्यालयों में बढ़ोतरी होगी। 25 जनवरी को वे सभी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को इस मांग को जल्द पूरा करने के लिए पंचायतों के प्रस्ताव देंगे।
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वहीं, इन पंचायतों के एरिया में 200 से अधिक होटल, होम स्टे और गेस्ट हाउस मौजूद हैं और पैराग्लाइडिंग को लेकर आठ माह के सीजन के दौरान रोजाना 5,000 पर्यटक दस्तक देते हैं। इन पंचायतों में साडा और टीसीपी लागू है। पुलिस थाने के अतिरिक्त लोक निर्माणा विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय और एशिया का पहला पैराग्लाइडिंग स्कूल मौजूद है। लोगों ने कहा कि वे साडा और टीसीपी को लेकर सबसे अधिक परेशान हैं। इन दोनों सरकारी विभागों का कोई भी कार्यालय बीड़ में नहीं है और किसी भी छोटे-बड़े निर्माण कार्यों या बिजली-पानी का कनेक्शन लेने के लिए लोगों को पालमपुर तक 30 से 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऊपर से इन विभागों में पर्याप्त स्टाफ न होने पर एक छोटे से कार्य के लिए छह माह से अधिक का समय लगता है। अब सरकार की ओर से साडा और टीसीपी की फीस में 10 गुणा तक वृद्धि से आम आदमी और अधिक परेशान हो गया है।
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बीड़ पंचायत के प्रधान सुरेश ठाकुर, क्योर पंचायत के प्रधान शिव, गुनेहड के उपप्रधान दुनी चंद और चौगान पंचायत के प्रधान नागेश का कहना है कि उनकी पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से साडा और टीसीपी की परेशानियों से लोगों को छुटकारा मिलेगा, सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होगा तथा सरकारी कार्यालयों में बढ़ोतरी होगी। 25 जनवरी को वे सभी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को इस मांग को जल्द पूरा करने के लिए पंचायतों के प्रस्ताव देंगे।
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