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Kangra News: वन रक्षक प्रशिक्षण संस्थान 25 साल से फांक रहा धूल

Fri, 01 Aug 2025 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Fri, 01 Aug 2025 12:57 AM IST
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Forest guard training institute is gathering dust since 25 years
वन रक्षक प्रशिक्षण केंद्र कुठेहड़ का जर्जर होता बन्द पड़ा भवन (फ़ोटो : जागरूक पाठक) - फोटो : बदहाल सड़क पर धान रोपित करतीं महिलाएं।
बरियाल/नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। जवाली विधानसभा क्षेत्र के कुठेहड़ में बना वन रक्षक प्रशिक्षण संस्थान 25 साल से धूल फांक रहा है। कुठेहड़ में 1992 में तत्कालीन भाजपा सरकार में शांता कुमार ने इस संस्थान की स्थापना की थी। यह संस्थान कई वर्षों तक संचालित रहा, लेकिन वित्तीय तंगी का हवाला देकर सरकार ने इसे वर्ष 2001 में बंद कर दिया।
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इसके बाद से इस भवन में एक प्रशासनिक खंड, कक्षा कमरों सहित आवासीय क्वार्टर बंद पड़े हैं और इनका उपयोग नहीं हो रहा है। वहीं, सुंदरनगर (मंडी) और चैल (सोलन) में दो अन्य वन रक्षक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। स्थानीय निवासियों की बार-बार मांग के बावजूद कुठेहड़ में जर्जर हो रही इस इमारत को फिर से उपयोग में लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। उधर, क्षेत्र के समाजसेवी साधूराम राणा ने हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर इस संस्थान के संचालन को लेकर आग्रह किया है।
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वर्ष 2021 में इस बेकार पड़ी इमारत को टिशू कल्चर लैब और आधुनिक पौध नर्सरी में बदलने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव को लेकर अभी तक उच्च अधिकारियों से कोई जवाब नहीं मिला है। लंबे समय तक उपयोग न होने के कारण इमारत जर्जर होती जा रही है। अमित शर्मा, डीएफओ, नूरपुर मंडल
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