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Kangra News: धर्मशाला में निशुल्क शिविर में जांचीं 101 लोगों की आंखें
Mon, 31 Aug 2026 01:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:39 AM IST
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धर्मशाला में आईएमए भवन में आयोजित नेत्र जांच शिविर में मरीजों की जांच करते हुए रोटरी आई अस्पता
धर्मशाला। क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) धर्मशाला ने रोटरी आई अस्पताल मारंडा के सहयोग से रविवार को आईएमए भवन में पहली बार निशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया। आंखों से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे कुल 101 लोगों की ऑप्टोमेट्री व रिफ्रैक्शन जांच कर उन्हें विशेषज्ञ परामर्श और निशुल्क दवाइयां दी गईं। रोटरी आई अस्पताल की टीम ने डॉ. सुधीर सल्होत्रा और डॉ. रोहित गर्ग के नेतृत्व में सेवाएं प्रदान कीं। इसके अलावा बाल रोग और सर्जरी विशेषज्ञ ने भी करीब 20 मरीजों की जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया।
आईएमए धर्मशाला के अध्यक्ष एवं बाल हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि यह पहल संस्था की ओर से संचालित ''मातृ-पितृ संडे ओपीडी'' का ही विस्तार है। इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और परिवारों को घर-द्वार पर सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना है। उन्होंने घोषणा की कि हर दो से तीन माह में इस तरह के निशुल्क नेत्र जांच शिविर नियमित रूप से लगाए जाएंगे।
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे धुंधला दिखना, आंखों में दर्द, लालिमा, पानी आना, पढ़ने में कठिनाई या लगातार सिरदर्द जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को समय-समय पर आंखों की नियमित जांच करवानी चाहिए, ताकि दृष्टि दोष और आंखों की गंभीर बीमारियों से समय रहते बचाव किया जा सके।
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आईएमए धर्मशाला के अध्यक्ष एवं बाल हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि यह पहल संस्था की ओर से संचालित ''मातृ-पितृ संडे ओपीडी'' का ही विस्तार है। इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और परिवारों को घर-द्वार पर सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना है। उन्होंने घोषणा की कि हर दो से तीन माह में इस तरह के निशुल्क नेत्र जांच शिविर नियमित रूप से लगाए जाएंगे।
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शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे धुंधला दिखना, आंखों में दर्द, लालिमा, पानी आना, पढ़ने में कठिनाई या लगातार सिरदर्द जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित मरीजों को समय-समय पर आंखों की नियमित जांच करवानी चाहिए, ताकि दृष्टि दोष और आंखों की गंभीर बीमारियों से समय रहते बचाव किया जा सके।
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