धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की डबल बेंच से हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम के होटलों को बंद करने पर रोक लगाने के संदर्भ में आए निर्णय से कर्मचारी संघ में खुशी की लहर है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष शशिपाल शर्मा, धर्मशाला इकाई के अध्यक्ष आयुष ठाकुर, महासचिव विकास, उपाध्यक्ष विपिन ठाकुर, सुरेश, जगदीश चंद और सोहन ने कहा कि प्रदेश उच्च न्यायालय की एकल पीठ से होटलों को बंद करने के फैसले से कर्मचारियों और पर्यटकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कर्मचारी अपने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंतित थे।
लेकिन प्रदेश उच्च न्यायालय की डबलबेंच के फैसले से कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। कर्मचारी संघ ने कहा कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत अन्य गण्यमान्य के प्रवास के दौरान पर्यटन विकास निगम बेहतरीन सेवाएं उपलब्ध करवाता रहा है। धर्मशाला में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी एचपीटीडीसी के कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे में पर्यटन विकास निगम के होटलों का खुला रहना और इन होटलों का जीर्णोद्धार बहुत जरूरी है। धर्मशाला के होटल धौलाधार और होटल भागसू को गत दिवस राहत मिल चुकी थी, जबकि होटल कुनाल और कश्मीर हाउस को सोमवार को उच्च न्यायालय के फैसले से राहत मिली है।