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Kangra News: धरोहर गांव के माथे के टीके पर गंदगी का दाग
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परागपुर (कांगड़ा)। भारत के पहले धरोहर गांव परागपुर का गौरव कहलाने वाला ऐतिहासिक तालाब परागपुर तहसील कार्यालय के पास स्थित है। इसे कभी गांव के माथे का टीका कहा जाता था। आज अपनी पहचान बचाने के लिए तरस रहा है। सरकारी उदासीनता और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही ने इस धरोहर को कूड़ेदान में बदलकर रख दिया है। जहां कभी विदेशी सैलानी इस तालाब की खूबसूरती को तस्वीरों में कैद कर दुनिया को भारत की जीवित विरासत दिखाते थे। आज वही तस्वीरें शराब की खाली बोतलों, गंदगी और खाद्य पदार्थों के कचरे से भरी जलधारा का सच बयां कर रही हैं।
परागपुर निवासी संजीव सोनी, अजय शर्मा, ऋषि सूद, भगवान दास, हंसराज शाह, अभिषेक सोनी, नीरज शर्मा, दिनेश कौल, शिव कुमार और सेंटी शाह ने चेतावनी दी है कि इस धरोहर की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। यदि प्रशासन ने फौरन सफाई और संरक्षण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की तो वह दिन दूर नहीं, जब यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह कचरे का ढेर बन जाएगा। सरकार और पर्यटन विभाग का रवैया इस धरोहर स्थल के प्रति शुरू से ही उदासीन और नकारात्मक रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस अमूल्य धरोहर को उसका पुराना गौरव तुरंत लौटाया जाए।
- तालाब की स्थिति चिंता का विषय है और प्रशासन इस पर गंभीर है। इस मामले में पंचायत को जल्द पत्र लिखा जाएगा, जिससे सफाई और संरक्षण की ठोस प्रक्रिया शुरू की जा सके।
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- चिराग शर्मा, सहायक आयुक्त एवं तहसीलदार परागपुर
- तालाब की देखरेख के संबंध में पंचायत सीधे तौर पर कोई कार्य नहीं करती है। तालाब का संपूर्ण प्रबंधन और रखरखाव एक स्थानीय कमेटी की ओर से किया जाता है। पंचायत का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है और न ही हम इसकी देखरेख के लिए कोई गतिविधि संचालित करते हैं। - मदन गोपाल, प्रधान, पंचायत परागपुर
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परागपुर निवासी संजीव सोनी, अजय शर्मा, ऋषि सूद, भगवान दास, हंसराज शाह, अभिषेक सोनी, नीरज शर्मा, दिनेश कौल, शिव कुमार और सेंटी शाह ने चेतावनी दी है कि इस धरोहर की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। यदि प्रशासन ने फौरन सफाई और संरक्षण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की तो वह दिन दूर नहीं, जब यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह कचरे का ढेर बन जाएगा। सरकार और पर्यटन विभाग का रवैया इस धरोहर स्थल के प्रति शुरू से ही उदासीन और नकारात्मक रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस अमूल्य धरोहर को उसका पुराना गौरव तुरंत लौटाया जाए।
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- तालाब की स्थिति चिंता का विषय है और प्रशासन इस पर गंभीर है। इस मामले में पंचायत को जल्द पत्र लिखा जाएगा, जिससे सफाई और संरक्षण की ठोस प्रक्रिया शुरू की जा सके।
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- चिराग शर्मा, सहायक आयुक्त एवं तहसीलदार परागपुर
- तालाब की देखरेख के संबंध में पंचायत सीधे तौर पर कोई कार्य नहीं करती है। तालाब का संपूर्ण प्रबंधन और रखरखाव एक स्थानीय कमेटी की ओर से किया जाता है। पंचायत का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है और न ही हम इसकी देखरेख के लिए कोई गतिविधि संचालित करते हैं। - मदन गोपाल, प्रधान, पंचायत परागपुर